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Indian Polity
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न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) की शक्ति संविधान के किन अनुच्छेदों से प्राप्त होती है?

Detailed Explanation

न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति मुख्यतः अनुच्छेद 13, 32 (सर्वोच्च न्यायालय) और 226 (उच्च न्यायालय) से प्राप्त होती है।
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→ संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रपति के पास जाने पर क्या कर सकते हैं? → राज्य की कार्यपालिका के अंतर्गत राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों, अध्यादेश निर्माण और मुख्यमंत्री के संवैधानिक दायित्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल को किसी ऐसे विषय से संबंधित विधि के विरुद्ध अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति के दंडादेश को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है, जिस विषय तक राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है, किंतु राज्यपाल किसी भी परिस्थिति में मृत्युदंड (Death Sentence) को पूर्णतः क्षमा (Pardon) नहीं कर सकता है, और सैन्य न्यायालयों (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड के मामलों में भी राज्यपाल को क्षमादान की कोई शक्ति प्राप्त नहीं है। 2. संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की आयु राज्य विधानसभा के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद समाप्त हो जाती है, और यदि इस बीच राज्य विधानमंडल के दोनों सदन (द्विसदनीय होने पर) अध्यादेश के अस्वीकृत होने का संकल्प पारित कर देते हैं, तो अध्यादेश की अवधि छह सप्ताह की समाप्ति से पहले ही समाप्त हो जाती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 167 के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन के संचालन और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राज्यपाल को संसूचित करे, और राज्यपाल द्वारा राज्य के प्रशासन से संबंधित मांगी गई किसी भी सूचना को देने से मुख्यमंत्री इनकार कर सकता है यदि वह मामला गोपनीय श्रेणी के अंतर्गत आता हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में नौवां 'क' (Part IX-A) जोड़ा गया, जिसका शीर्षक 'नगरपालिकाएँ' है और इसके अंतर्गत अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल किए गए हैं। 2. इस संशोधन के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान है - नगर पंचायत (ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित होने वाले क्षेत्रों के लिए), नगर परिषद (छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए) और नगर निगम (बड़े शहरी क्षेत्रों के लिए), किंतु जिस राज्य की जनसंख्या दस लाख से कम है, उस राज्य के लिए मध्यवर्ती स्तर की नगर परिषद का गठन करना अनिवार्य नहीं है। 3. अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत नगरपालिकाओं को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित विषयों पर कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान की 'आठवीं अनुसूची' (Eighth Schedule) किससे संबंधित है? → भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों (अनुच्छेद 5-11) और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसका भारतीय नागरिक होना स्वतः समाप्त हो जाएगा, और इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने की अनन्य शक्ति संसद के पास है। 2. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें देशीयकरण (Naturalization) के माध्यम से नागरिकता प्रदान करने के लिए आवश्यक निवास की अवधि को 11 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। 3. अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्جين और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की पूर्ण शक्ति प्रदान करता है, जिसके तहत संसद ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 1986 द्वारा यह अनिवार्य कर दिया कि 1 जुलाई 1987 या उसके बाद भारत में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जन्म से स्वतः भारतीय नागरिकता मिल जाएगी, भले ही उसके माता-पिता की नागरिकता की स्थिति कुछ भी हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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