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Indian Polity
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भारत के प्रथम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Chief Election Commissioner) कौन थे?

Detailed Explanation

सुकुमार सेन भारत के प्रथम मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे, जिन्होंने 1951-52 के पहले आम चुनाव का संचालन किया।
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→ भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 249' के अंतर्गत राज्य सूची के विषयों पर संसद की कानून बनाने की शक्ति (Power of Parliament to legislate with respect to a matter in the State List in the national interest) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसद को राज्य सूची के किसी विषय पर तब कानून बनाने की शक्ति प्राप्त होती है जब राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक या expedient है। 2. इस प्रकार संसद द्वारा पारित कानून अनिश्चितकाल के लिए प्रवृत्त रहता है और तब तक लागू रहता है जब तक कि संसद खुद उसे निरस्त न कर दे, भले ही राज्य सभा द्वारा पारित संकल्प की अवधि समाप्त हो चुकी हो। 3. अनुच्छेद 249 के अंतर्गत राज्य सभा द्वारा पारित ऐसा संकल्प एक बार में अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए ही प्रवृत्त रहता है, हालांकि इसे आगे बढ़ाने के लिए नए संकल्प बार-बार पारित किए जा सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द किस संशोधन से आया? → भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और वित्तीय विधньों (Financial Bills) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 117(1) के अंतर्गत आने वाला 'वित्तीय विधेयक (श्रेणी-I)' केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है और इसे प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक होती है, किंतु राज्यसभा इस विधेयक को पारित करने, अस्वीकार करने या इसमें संशोधन करने की पूर्ण शक्ति रखती है (बशर्ते संशोधन करों से संबंधित न हो)। 2. 'वित्तीय विधेयक (श्रेणी-II)', जिसमें संचित निधि से व्यय करने के उपबंध होते हैं, को संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित किया जा सकता है और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश का होना आवश्यक नहीं होता है, लेकिन इसे पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का प्रावधान नहीं है। 3. लोकसभा द्वारा पारित किसी धन विधेयक (Money Bill) को जब राज्यसभा के पास भेजा जाता है, तो राज्यसभा के पास इसे अधिकतम 14 दिनों तक रोकने की शक्ति होती है, और यदि इस अवधि के भीतर राज्यसभा विधेयक को वापस नहीं करती है या अपनी सिफारिशें नहीं भेजती है, तो वह दोनों सदनों द्वारा उस रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में वह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अधिकारिता, शक्तियों और संवैधानिक उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय के आरंभिक (Original) क्षेत्राधिकार में वे कानूनी विवाद आते हैं जो केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच या भारत सरकार और किसी राज्य तथा अन्य राज्यों के बीच उत्पन्न होते हैं, किंतु यदि ऐसा कोई विवाद किसी ऐसी पुरानी संधि, समझौते, प्रसंविदा या सनद (Covenant) से उत्पन्न होता है जो संविधान के लागू होने से पूर्व निष्पादित की गई थी और अभी भी प्रचालन में है, तो उच्चतम न्यायालय का आरंभिक क्षेत्राधिकार ऐसे विवादों पर वर्जित (Barred) होता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति द्वारा लोक महत्व के किसी प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय से परामर्श माँगा जाने पर, न्यायालय के लिए अपनी राय राष्ट्रपति को प्रेषित करना अनिवार्य है, तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई यह सलाह राष्ट्रपति पर प्रत्येक स्थिति में पूर्ण रूप से बाध्‍यकारी (Binding) होती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उच्चतम न्यायालय अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए ऐसा डिक्री पारित कर सकता है या ऐसा आदेश दे सकता है जो उसके समक्ष लंबित किसी वाद या विषय में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक हो, और भारत के पूरे राज्यक्षेत्र में ऐसा प्रत्येक आदेश प्रवर्तनीय होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों और उनकी विधिक एवं न्यायिक प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'विधि' (Law) शब्द की व्यापक परिभाषा दी गई है, जिसके तहत संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए अधिनियमों के अतिरिक्त अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम, विनियम तथा रूढ़ि या प्रथा (Custom or Usage) को भी शामिल किया गया है, यदि वे मूल अधिकारों से असंगत हैं तो उनका शून्य होना तय है। 2. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के मूल अधिकारों पर प्रतिबंध लगा सके या उन्हें समाप्त कर सके ताकि उनके द्वारा अपने कर्तव्यों का उचित निर्वहन और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके, तथा इस प्रकार का कानून बनाने की शक्ति केवल और केवल संसद के पास है, राज्य विधानमंडलों के पास नहीं। 3. अनुच्छेद 34 के तहत संसद को किसी भी क्षेत्र में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू होने के दौरान वहां की गई किसी भी राजकीय कार्रवाई या दिए गए दंड को वैध बनाने के लिए 'क्षतिपूर्ति अधिनियम' (Indemnity Act) बनाने का अधिकार प्राप्त है, और यह शक्ति राज्य विधानमंडलों को भी सह-विस्तार रूप में प्राप्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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