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Geography
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विश्व की सबसे गहरी झील कौन सी है?
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Detailed Explanation
रूस में स्थित बैकाल झील (Lake Baikal) विश्व की सबसे गहरी और सबसे पुरानी मीठे पानी की झील है।
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भारत के भौगोलिक विस्तार, सीमा रेखाओं और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तक है, जबकि इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके परिणामस्वरूप इसके पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण वास्तविक भौतिक दूरियों में लगभग 281 किलोमीटर का अंतर पाया जाता है।
2. भारतीय मानक समय (IST) रेखा यानी 82°30' पूर्व देशांतर रेखा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कर्क रेखा (23°30' उत्तर) को काटती है।
3. कर्क रेखा भारत के आठ राज्यों से होकर गुजरती है, और भारत का एकमात्र ऐसा राज्य 'झारखंड' है जिसकी राजधानी (राँची) कर्क रेखा के बिल्कुल निकट या उसके ऊपर स्थित है।
4. भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किमी है जो सात देशों के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ (लगभग 4,096.7 किमी) और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ (106 किमी) साझा होती है, तथा यह सीमा 'डूरंड रेखा' द्वारा निर्धारित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सौर मंडल के पिंडों और उनकी कक्षीय गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटैन' (Titan), जो शनि ग्रह का सबसे बड़ा चंद्रमा है, हमारे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जहाँ पर्याप्त मात्रा में घना वायुमंडल और सतह पर स्थिर तरल पदार्थ (मुख्य रूप से मीथेन और इथेन की झीलें) पाए जाते हैं।
2. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) में स्थित 'सीरिज' (Ceres) को एक बौना ग्रह (Dwarf Planet) माना जाता है, और यह आंतरिक सौर मंडल में स्थित एकमात्र बौना ग्रह है।
3. 'ओर्ट बादल' (Oort Cloud) हमारे सौर मंडल की बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले पिंडों का एक गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का प्रमुख उद्गम स्थल माना जाता है।
4. 'गैनीमेड' (Ganymede), जो बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह है, आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) मौजूद है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों (Passes) तथा उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जोजी ला' (Zoji La) दर्रा जांसकर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की एक सहायक नदी द्वारा अपरदन क्रिया के फलस्वरूप हुआ है।
2. 'शिपकी ला' (Shipki La) दर्रा हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी घाटी के पास स्थित है, जो भारत को तिब्बत (चीन) से जोड़ता है और इसी दर्रे से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है।
3. 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख प्रायद्वीपीय अंतराल है, जो कोच्चि को चेन्नई से जोड़ने वाले सड़क और रेलमार्ग को सुगम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मृदा के वर्गीकरण और उनकी रासायनिक एवं भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soils) का लाल रंग मुख्य रूप से रवेदार और कायांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण होता है, जबकि इसका पीला रंग इसमें जलयोजन (Hydration) की स्थिति उत्पन्न होने के बाद दिखाई देता है।
2. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) का परिणाम है, जिसमें ह्यूमस की मात्रा प्रचुर होती है, किंतु सिलिका और चूने का निक्षालन हो जाने के कारण यह मृदा कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ होती है और इसमें उर्वरकों की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती।
3. क्षारीय एवं लवणीय मृदा (Saline and Alkaline Soils), जिन्हें 'रेर', 'उह्र', 'कल्लर' या 'चोपन' भी कहा जाता है, में सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम का अनुपात अधिक होता है, और यह शुष्क तथा अर्ध-शुष्क जलवायु वाले उन क्षेत्रों में विकसित होती है जहाँ जल निकास (Drainage) की उचित व्यवस्था नहीं होती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की विभिन्न मृदा प्रणालियों, उनकी रासायनिक एवं भौतिक विशेषताओं तथा उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लाल एवं पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का विकास मुख्य रूप से प्राचीन रवेदार और रूपांतरित चट्टानों पर कम वर्षा वाले पूर्वी और दक्षिणी दक्कन के पठारी भागों में होता है, जहाँ फेरस ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण इनका रंग लाल होता है तथा जलयोजन (Hydration) के बाद ये पीली दिखाई देती हैं।
2. 'शुष्क एवं मरुस्थलीय मृदा' (Arid and Desert Soils) राजस्थान के पश्चिमी भाग में पाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत बनती है, और इस मृदा में ह्यूमस व नाइट्रोजन की मात्रा अत्यंत कम तथा घुलनशील लवणों की मात्रा अधिक होती है।
3. 'पीठ एवं दलदली मृदा' (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के भारी जमाव के कारण विकसित होती हैं, जिनमें प्रचुर मात्रा में घुलनशील लवण और पोटाश पाए जाते हैं, किंतु ये मृदाएँ सामान्यतः भारी और काले रंग की तथा अम्लीय प्रकृति की होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soils) भारत के कुल भू-क्षेत्र के लगभग 43% भाग पर फैली हुई देश की सबसे महत्वपूर्ण और उपजाऊ मृदा प्रणाली है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से हिमालय की नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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