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Geography
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विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात कौन सा है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वेनेजुएला में स्थित एंजल जलप्रपात (Angel Falls) विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात है।
Related Questions
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का सर्वोच्च और सबसे विस्तृत उदाहरण है, जिसका निर्माण भारतीय प्लेट और यूरेशियाई प्लेट के अभिसरण के परिणामस्वरूप विवर्तनिक उत्थान से हुआ है।
2. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक उष्णकटिबंधीय मरुस्थल है, जिसकी उत्पत्ति महाद्वीपीयता और अटाकामा ठंडी जलधारा के प्रभाव के कारण हुई है।
3. 'हंगरी का मैदान' (Pannonian Basin / Hungarian Plain) अंतरापर्वतीय प्रकार के मैदान का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो चारों ओर से पर्वतों से घिरा हुआ है और मुख्य रूप से डेन्यूब तथा उसकी सहायक नदियों के निक्षेपण से निर्मित हुआ है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'ब्लैक फॉरेस्ट' (Black Forest) पर्वत जर्मनी में स्थित एक 'ब्लॉक पर्वत' (Block Mountain) या भ्रंशोत्थ पर्वत का प्रमुख उदाहरण है, जिसका निर्माण विवर्तनिक बलों के कारण धरातल के धंसने या उठने (Faulting) से हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संवहनी वर्षा (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से विषुवतरेखीय क्षेत्रों में प्रतिदिन दोपहर के बाद कपासी मेघों (Cumulonimbus Clouds) के निर्माण के कारण होती है, जिसमें भारी तड़ित झंझावात (Thunderstorms) के साथ मूसलाधार वर्षा होती है।
2. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) वायु में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का प्रतिशत अनुपात है, जो तापमान बढ़ने पर घट जाती है जबकि तापमान घटने पर बढ़ जाती है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) वह क्षेत्र होती है जहाँ वायुदाब न्यूनतम, हवाएँ अत्यधिक तीव्र और मूसलाधार वर्षा होती है, तथा आसमान पूरी तरह काले बादलों से ढका रहता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार असीमित ऊर्जा और संघनन की गुप्त ऊष्मा के कारण चक्रवात समुद्र से तट पर पहुँचने पर कमजोर हो जाते हैं क्योंकि उन्हें नम हवाओं की निरंतर आपूर्ति मिलना बंद हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान लक्षणों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के कारण प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1° सेल्सियस की दर से तापमान घटता है, जिसका मुख्य कारण इस परत का सीधे तौर पर सूर्य के प्रकाश से नहीं बल्कि पृथ्वी की सतह से विकिरण और चालन द्वारा गर्म होना है।
2. समतापमंडल (Stratosphere) की ऊपरी सीमा पर स्थित 'ओजोनोस्फीयर' में ओजोन अणुओं द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है, जिसके परिणामस्वरूप यह परत विमान चालकों के लिए अत्यधिक अशांत और प्रतिकूल मौसम दशाएं उत्पन्न करती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) गतिकीय रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) होती हैं, जहाँ भूमध्यरेखीय क्षेत्रों से ऊपर उठकर ध्रुवों की ओर जाने वाली हवाएं ठंडी और भारी होकर लगभग 30° से 35° अक्षांशों के बीच नीचे बैठती हैं।
4. ऑरोरा बोरियालिस (Aurora Borealis) और ऑरोरा ऑस्ट्रलिस जैसी अद्भुत खगोलीय प्रकाश परिघटनाएँ मुख्य रूप से आयनमंडल के अंतर्गत आने वाली 'थर्मोस्फीयर' (तापमंडल) परत में सौर पवनों के आवेशित कणों और वायुमंडलीय गैसों की पारस्परिक क्रिया के कारण घटित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की अनुदैर्ध्य प्रोफ़ाइल (Longitudinal Profile) तथा उनकी भू-आकृतिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) प्रवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी विद्यमान थीं और उन्होंने अपने उत्थान के क्रम में गहन गार्ज और महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करते हुए अपने पुराने मार्ग को बनाए रखा।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ 'वृद्धावस्था' (Senile Stage) में होने के कारण अपने आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके परिणामस्वरूप इनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं तथा ये अपने निचले छोर पर अत्यधिक विसर्पण (Meandering) करती हुई उत्तर भारत की नदियों की तरह तीव्र गति से बाढ़ के मैदानों का निर्माण करती हैं।
3. प्रायद्वीपीय नदियों में बहने वाली नर्मदा और तापी नदियाँ नवीन वलित पर्वतों के उत्थान के कारण अपनी दिशा बदलकर पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं और विंध्य तथा सतपुड़ा श्रेणियों के बीच स्थित प्राचीन भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) का अनुसरण करते हुए ज्वारनदमुख (Estuaries) का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में कृषि पद्धतियों, फसल स्वरूप और कृषि जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश में खरीफ फसल के रूप में उगाई जाने वाली 'धान' (Rice) की खेती के लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक), 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा और जल-भराव वाली चिकनी दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है, और इसे मुख्य रूप से 'रोपण विधि' (Transplanting Method) के माध्यम से उगाया जाता है।
2. 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' (NMSA) के अंतर्गत संचालित 'परम्परागत कृषि विकास योजना' (PKVY) का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के स्थान पर जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देना है, तथा सिक्किम भारत का पहला शत-प्रतिशत जैविक खेती करने वाला राज्य घोषित किया गया है।
3. 'ड्रिप सिंचाई प्रणाली' (Drip Irrigation) सूक्ष्म सिंचाई का एक अत्यंत कुशल तरीका है, जिसमें जल सीधे पौधों की जड़ों के पास टपकता है, जिससे वाष्पीकरण और सतही अपवाह द्वारा जल की बर्बादी न्यूनतम होती है, और यह विधि विशेष रूप से जल-कमी वाले शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
4. भारत में 'झूम कृषि' (Shifting Cultivation), जिसे 'स्लैश एंड बर्न' कृषि भी कहा जाता है, मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में बहुतायत से की जाती है, और यह स्थायी कृषि का एक वैज्ञानिक प्रकार है जो मृदा की उर्वरता को दीर्घकाल तक बनाए रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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