त्वरित लिंक्स
Civil services
16 views
कांग्रेस के किस अधिवेशन में पहली बार 'राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' का प्रस्ताव रखा गया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1931 के कराची अधिवेशन में मौलिक अधिकारों के साथ आर्थिक कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा गया।
Related Questions
→
"TribeX" डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म किस मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया?
→
सुमेलित कीजिए: A-2 (अढ़ाई दिन का झोपड़ा-अजमेर), B-4 (इब्राहिम रौजा-इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय), C-3 (अताला मस्जिद-जौनपुर), D-1 (गोल गुम्बद-बीजापुर)।
→
स्वतंत्र भारत में प्रशासनिक प्रशिक्षण और लोक सेवा संस्कृति के विकास के संदर्भ में, वर्ष 1959 में मसूरी में स्थापित 'राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी' (वर्तमान में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी - LBSNAA) के पूर्व इतिहास और इसकी स्थापना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अकादमी की स्थापना से पहले, स्वतंत्र भारत के शुरुआती प्रशासनिक अधिकारियों (ICS और IAS) के लिए प्रशिक्षण संस्थान वर्ष 1947 में 'मेटकाफ हाउस, नई दिल्ली' में 'भारतीय प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण स्कूल' (IAS Training School) के रूप में शुरू किया गया था।
2. वर्ष 1959 में मसूरी (उत्तर प्रदेश) के 'चार्लेविल होटल' (Charleville Hotel) को अधिग्रहित करके इस संस्थान को वहाँ स्थानांतरित किया गया था और इसका नाम बदलकर 'राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी' कर दिया गया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'सार्वजनिक वित्त' (Public Finance) और 'राजकोषीय समेकन' (Fiscal Consolidation) से जुड़े विभिन्न संकेतकों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राजकोषीय घाटा' (Fiscal Deficit) सरकार की कुल प्राप्तियों (उधार को छोड़कर) और कुल व्यय के बीच का अंतर है, और यह इस बात का द्योतक है कि सरकार को अपने कुल खर्चों को पूरा करने के लिए कुल कितना उधार लेना पड़ेगा।
2. 'प्रभावी राजस्व घाटा' (Effective Revenue Deficit), जो कि वर्ष 2011-12 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया था, राजस्व घाटे और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए दिए जाने वाले अनुदानों के बीच का अंतर होता है।
3. 'प्राथमिक घाटा' (Primary Deficit) चालू वर्ष के राजकोषीय घाटे और पिछले ऋणों पर सरकार द्वारा किए गए कुल ब्याज भुगतानों (Interest Payments) का योग होता है, जो यह दर्शाता है कि बिना ब्याज चुकाए सरकार का वास्तविक राजकोषीय प्रबंधन कैसा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124' के अंतर्गत 'उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति' और 'कॉलेजियम प्रणाली' के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के मूल पाठ में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 'कॉलेजियम प्रणाली' का कोई प्रावधान नहीं था, और वर्ष 1993 के द्वितीय न्यायाधीश मामले (Second Judges Case) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्धारित किया कि मुख्य न्यायाधीश की 'परामर्श' (Consultation) प्रक्रिया का अर्थ वस्तुतः 'सहमति' (Concurrence) है।
2. 'तृतीय न्यायाधीश मामले' (Third Judges Case, 1998) में सर्वोच्च न्यायालय ने परामर्श प्रक्रिया के दायरे का विस्तार करते हुए यह स्पष्ट किया कि मुख्य न्यायाधीश के साथ कॉलेजियम में सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होने चाहिए, और इनमें से यदि दो न्यायाधीश भी किसी नियुक्ति के विरुद्ध लिखित रूप में संस्तुति करते हैं, तो वह नियुक्ति आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
3. राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम, 2014 और उससे संबंधित 99वें संविधान संशोधन अधिनियम को सर्वोच्च न्यायालय ने 'चौथे न्यायाधीश मामले' (Fourth Judges Case, 2015) में इस आधार पर असंवैधानिक घोषित कर दिया कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान के 'बुनियादी ढांचे' (Basic Structure) का उल्लंघन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.