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भारत छोड़ो आंदोलन किस वर्ष शुरू हुआ?

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भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में शुरू हुआ था।
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→ भारत का मानक समय ग्रीनविच समय (GMT) से कितना आगे है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329) के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) तथा निर्वाचन सुधारों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति एक निर्वाचन आयोग में निहित होगी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य ऐसे चुनाव आयुक्त होंगे, जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करे, तथा चुनाव आयोग की यह बहु-सदस्यीय संस्था मूल संविधान (1950) से ही लगातार कार्यान्वित चली आ रही है। 2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की संस्तुति के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है। 3. निर्वाचन आयोग के पास लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को सख्ती से लागू करने की वैधानिक शक्ति संसद द्वारा बनाए गए जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 के सुस्पष्ट प्रावधानों से प्राप्त होती है, और यह आचार संहिता चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही पूरे देश में कानूनी रूप से बाध्यकारी हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) और इसके क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय से संपर्क करने का एक मौलिक अधिकार प्रदान करता है, और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने इसे 'संविधान की आत्मा और हृदय' की संज्ञा दी थी। 2. सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता केवल 'मूल अधिकारों' (Fundamental Rights) के उल्लंघन के मामलों तक ही सीमित है, जबकि उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Right) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है। 3. संसद को विधि द्वारा किसी अन्य न्यायालय (उच्च न्यायालयों को छोड़कर) को सर्वोच्च न्यायालय की सभी या किसी भी रिट अधिकारिता का स्थानीय सीमाओं के भीतर प्रयोग करने के लिए सशक्त करने का अनन्य अधिकार प्राप्त है, और यह शक्ति सर्वोच्च न्यायालय की रिट शक्तियों को कम करने के लिए भी प्रयोग की जा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → किस सुल्तान ने दरबारी शिष्टाचार के रूप में 'सिजदा' और 'पैबोस' की शुरुआत की? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' (राज्य के नीति निर्देशक तत्व - अनुच्छेद 36 से 51) तथा 42वें एवं 44वें संविधान संशोधनों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में कुछ नए सिद्धांत जोड़े गए, जिनमें बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अवसरों को सुरक्षित करना, समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता, तथा उद्योगों के प्रबंधन में कामगारों की भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल था। 2. संविधान के अनुच्छेद 48-क के अंतर्गत पर्यावरण का संरक्षण तथा संवहन और वन तथा वन्यजीवों की रक्षा करने का प्रावधान मूल संविधान में ही वर्ष 1950 से विद्यमान था, जिसे बाद में 42वें संशोधन द्वारा और अधिक कड़ा किया गया। 3. वर्ष 1978 के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में एक नया खंड (अनुच्छेद 38 का खंड 2) जोड़ा गया, जिसके तहत राज्य को विशेष रूप से आय की असमानताओं को कम करने और विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले या विभिन्न पेशों में लगे लोगों के समूहों के बीच प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानता को समाप्त करने का निर्देश दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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