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संसद के सत्र और सत्रावसान से संबंधित अनुच्छेद कौन सा है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 85 संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन से संबंधित है।
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→ भारतीय राजव्यवस्था और संसद की विधायी प्रक्रिया के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 110' के अंतर्गत 'धन विधेयक' (Money Bill) की परिभाषा और उसकी पारित होने की प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोई विधेयक धन विधेयक तभी माना जाएगा जब उसमें केवल ऐसे उपबंध हों जो कर-अध्यारोपण, उत्सादन, छूट, परिवर्तन या विनियमन से संबंधित हों, तथा इसके अंतर्गत किसी स्थानीय प्राधिकारी या निकाय द्वारा स्थानीय करों (Local taxes) के आरोपण से संबंधित उपबंध भी शामिल होते हैं। 2. लोकसभा द्वारा पारित किए जाने के बाद जब धन विधेयक को राज्यसभा में भेजा जाता है, तो राज्यसभा के पास इसे संशोधित करने या अस्वीकार करने की पूर्ण शक्ति होती है, बशर्ते वह इसे 14 दिनों के भीतर वापस लोकसभा को भेज दे। 3. यदि लोकसभा द्वारा राज्यसभा की किसी भी सिफारिश को अस्वीकार कर दिया जाता है, तो भी वह धन विधेयक दोनों सदनों द्वारा उस रूप में पारित माना जाता है जिस रूप में वह लोकसभा द्वारा मूलतः पारित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → शोधकर्ताओं ने नागालैंड की किस जनजाति द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक हर्बल फॉर्मूलेशन में कैंसर-रोधी क्षमता की खोज की है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' (मूल अधिकार - अनुच्छेद 12 से 35) के अंतर्गत प्रदत्त 'समानता के अधिकार' (अनुच्छेद 14-18) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता (Equality before law) और विधियों के समान संरक्षण (Equal protection of the laws) दोनों की गारंटी देता है, जिसमें 'विधि के समक्ष समता' की अवधारणा ब्रिटिश मूल की है और इसका अर्थ है कि किसी भी व्यक्ति के पक्ष में विशिष्ट विशेषाधिकारों का अभाव, जबकि 'विधियों के समान संरक्षण' का विचार अमेरिकी संविधान से लिया गया है जिसका तात्पर्य समान परिस्थितियों वाले व्यक्तियों के बीच समान व्यवहार से है। 2. संविधान का अनुच्छेद 15 राज्य को किसी भी नागरिक के विरुद्ध केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी के भी आधार पर कोई भेदभाव करने से रोकता है, और इसके अंतर्गत राज्य को यह शक्ति भी प्राप्त है कि वह सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए नागरिकों के वर्गों की उन्नति के लिए या अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए विशेष उपबंध (जैसे शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए आरक्षण) बना सके, भले ही वे संस्थाएं निजी हों, अनुदानित हों या गैर-अनुदानित (अल्पसंख्यक संस्थाओं को छोड़कर)। 3. संविधान का अनुच्छेद 18 राज्य को सेना या विद्या संबंधी सम्मान के सिवाय अन्य कोई भी उपाधि प्रदान करने से रोकता है, तथा भारत का कोई भी नागरिक किसी विदेशी राज्य से बिना राष्ट्रपति की सहमति के कोई भी उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता है, किंतु यदि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है और वह भारत सरकार के अधीन किसी लाभ या विश्वास के पद को धारण करता है, तो वह राष्ट्रपति की सहमति के बिना किसी विदेशी राज्य से कोई उपाधि प्राप्त कर सकता है। → भारतीय इतिहास और कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, मौर्योत्तर काल (Post-Maurya Period) की प्रमुख मूर्तिकला शैलियों—'गांधार शैली' (Gandhara School) और 'मथुरा शैली' (Mathura School)—के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गांधार कला शैली मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत और आधुनिक अफगानिस्तान के क्षेत्रों में विकसित हुई, जिसे मुख्य रूप से शकों और कुषाणों (विशेषकर कनिष्क) का संरक्षण प्राप्त हुआ, तथा इस शैली की मूर्तियों में यूनानी और रोमन कला का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिलता है। 2. मथुरा कला शैली पूरी तरह से स्वदेशी शैली थी जो मथुरा के स्थानीय लाल बलुआ पत्थर (Spotted Red Sandstone) का उपयोग करके विकसित हुई, और इस शैली के अंतर्गत न केवल बौद्ध बल्कि जैन और ब्राह्मणवादी (हिंदू) देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भी बड़े पैमाने पर बनाई गईं। 3. गांधार शैली और मथुरा शैली दोनों ने ही महात्मा बुद्ध की मानव रूप में पहली बार मूर्तियाँ बनाने का कार्य लगभग एक ही समय में (ईसा की पहली शताब्दी के आसपास) शुरू किया, और दोनों ही शैलियों में बुद्ध को हमेशा आध्यात्मिक और सारहीन रूप में ही दर्शाया गया है, बिना किसी शारीरिक मांसलता (Muscular body) के। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' (राजभाषा - अनुच्छेद 343 से 351) तथा आठवीं अनुसूची के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप होगा, किंतु राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वह अंग्रेजी भाषा का प्रयोग शासकीय प्रयोजनों के लिए पंद्रह वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद भी जारी रखने की अनुमति दे सके। 2. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से चौदह भाषाएं शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर संशोधनों के माध्यम से बढ़ाया गया, और वर्तमान में इस अनुसूची में कुल बाईस भाषाएं हैं, जिनमें अंग्रेजी और राजस्थानी भाषाएं भी शामिल हैं। 3. संविधान के अनुच्छेद 351 के अंतर्गत संघ का यह कर्तव्य बताया गया है कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके, और इसके विकास के लिए संस्कृत तथा अन्य भारतीय भाषाओं की शब्दावली को आत्मसात करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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