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समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता किस अनुच्छेद में है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 39A समान न्याय और निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों से संबंधित - अनुच्छेद 243 से 243-O) के अंतर्गत त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से संविधान में जोड़े गए अनुच्छेद 243B के अनुसार, देश के प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु 20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वे मध्यवर्ती स्तर की पंचायत का गठन करें। 2. पंचायतों के सभी स्तरों पर प्रत्यक्ष चुनावों के माध्यम से भरे जाने वाले कुल स्थानों में से कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होनी चाहिए, तथा इस आरक्षण के अलावा राज्य के विधानमंडल को कानून द्वारा पंचायतों के किसी भी स्तर पर अध्यक्षों (Chairpersons) के पदों के लिए महिलाओं और अनुसूचित जातियों (SCs) तथा अनुसूचित जनजातियों (STs) के पक्ष में आरक्षण का उपबंध करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। 3. राज्य का राज्यपाल, 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद से प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'वित्त आयोग' (Finance Commission) का गठन करेगा, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्य की संचित निधि से पंचायतों को करों, शुल्कों, टोल और फीसों के समर्पण या विनियोजन के संबंध में अपनी संस्तुतियाँ देगा। मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में नागरिक सीधे कहाँ जा सकते हैं? सुमेलित कीजिए: 1. प्रथम बौद्ध संगीति-राजगृह, 2. द्वितीय बौद्ध संगीति-वैशाली, 3. चतुर्थ बौद्ध संगीति-कश्मीर। सही कूट का चयन करें? भारतीय इतिहास के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान मुद्रा प्रणाली (Currency System) और आर्थिक सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सल्तनत काल में तांबे के सिक्के को 'जीतल' (Jital) कहा जाता था, जबकि चांदी के सिक्के को 'टंका' (Tanka) के रूप में जाना जाता था, और इन दोनों के बीच का मौद्रिक अनुपात इल्तुतमिश के शासनकाल में पहली बार मानकीकृत किया गया था। 2. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा शुरू की गई 'सांकेतिक मुद्रा' (Token Currency) प्रणाली के तहत तांबे और पीतल के सिक्कों का मूल्य सोने और चांदी के सिक्कों के बराबर कर दिया गया था, किंतु राज्य द्वारा सिक्कों के उत्पादन पर राजकीय एकाधिकार (State Monopoly) न होने के कारण बड़े पैमाने पर जाली सिक्कों (Counterfeit Coins) का निर्माण होने लगा, जिससे अर्थव्यवस्था चरमरा गई। 3. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने सैन्य सुधारों और बाजार नियंत्रण नीति को सफल बनाने के लिए वस्तुओं के मूल्यों को सख्ती से नियंत्रित किया था, तथा इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने सभी प्रकार के सोने, चांदी और तांबे के सिक्कों के प्रचलन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर केवल वस्तु-विनिमय (Barter System) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर सिविलाइज़ेशनल स्टडीज - मानस एंड महाभारत’ का उद्घाटन कहाँ किया गया?
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