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दलबदल निरोधक कानून (Anti-defection law) किस अनुसूची में वर्णित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दसवीं अनुसूची को 52वें संविधान संशोधन 1985 द्वारा जोड़ा गया था।
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एक छोटे क्षेत्र का बड़े पैमाने पर खींचा गया रेखाचित्र क्या कहलाता है?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम' (National Clean Air Programme - NCAP) तथा 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' के विधिक एवं कार्यात्मक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (NCAP) देश का पहला राष्ट्रव्यापी ऐसा प्रयास है जिसने देश के सभी गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment cities) में पार्टिकुलेट मैटर ($PM_{10}$ और $PM_{2.5}$) की सांद्रता को कम करने के लिए वर्ष 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत की कमी लाने का एक स्पष्ट और समयबद्ध राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया।
2. 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' की धारा 19 के अंतर्गत राज्य सरकारों को यह वैधानिक अधिकार प्राप्त है कि वे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) के साथ परामर्श के बाद किसी भी क्षेत्र को 'वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र' (Air Pollution Control Area) के रूप में घोषित कर सकती हैं, और इस प्रकार अधिसूचित क्षेत्रों में किसी भी ऐसे संदूषक ईंधन या अनधिकृत औद्योगिक उपकरणों का उपयोग करने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है जो वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं।
3. वायु अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत स्थापित केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (CPCB & SPCBs) को यह व्यापक शक्ति प्राप्त है कि वे औद्योगिक इकाइयों या प्रदूषणकारी स्रोतों को बंद करने, रोकने या विनियमित करने के लिए निर्देश जारी कर सकते हैं, तथा यदि कोई इकाई या व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो बोर्ड सीधे उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है और उसके विरुद्ध स्थानीय आपराधिक न्यायालय में बिना पूर्व सरकारी अनुमति के सीधे मुकदमा दर्ज करा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, भारत में भुगतानों के समेकन, निपटान प्रणालियों और वित्तीय अवसंरचना के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट' (RTGS) प्रणाली के अंतर्गत फंड का अंतरण और निपटान (Settlement) वास्तविक समय (Real-time) और सकल आधार (Gross basis) पर व्यक्तिगत लेनदेन के आधार पर होता है, जिसका संचालन और प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है, तथा इस प्रणाली के माध्यम से न्यूनतम लेन-देन की सीमा दो लाख रुपये निर्धारित की गई है।
2. 'नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर' (NEFT) प्रणाली एक राष्ट्रव्यापी भुगतान प्रणाली है जो बैचों (Bathes) के आधार पर फंड का अंतरण करती है, तथा यह सेवा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 24x7x365 उपलब्ध कराई जाती है, जिसका अर्थ है कि यह वर्ष के सभी दिन चौबीस घंटे संचालित होती है।
3. 'भारत बिल भुगतान प्रणाली' (BBPS - Bharat Bill Payment System) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा परिकल्पित एक एकीकृत बिल भुगतान मंच है, जिसके माध्यम से केवल डिजिटल बैंकिंग चैनलों का उपयोग करके ही बिलों का भुगतान किया जा सकता है और इसके अंतर्गत भौतिक नकद (Cash) भुगतान की कोई अनुमति नहीं दी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 368' के अंतर्गत 'संविधान संशोधन प्रक्रिया' और 'संविधान की मूल संरचना के सिद्धांत' (Basic Structure Doctrine) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के भाग XX के अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान के किसी भी उपबंध का संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु इस प्रक्रिया के तहत संसद संविधान की किसी भी मूल विशेषता या मूल संरचना को निरस्त या नष्ट नहीं कर सकती है।
2. कुछ विशिष्ट संविधान संशोधनों (जैसे राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया, केंद्र और राज्यों की कार्यकारी शक्तियों का विस्तार, या सातवीं अनुसूची की कोई सूची) के लिए संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के कुल राज्यों में से कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) का होना अनिवार्य होता है।
3. केशवानंद भारती वाद (1973) के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 368 के तहत संसद की संविधान संशोधन करने की शक्ति की कोई सीमा नहीं है और संसद मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी हिस्से को पूरी तरह से समाप्त कर सकती है, जिसकी न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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