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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत संघ का यह कर्तव्य है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे। इस संवैधानिक दायित्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यह प्रावधान मूल रूप से कैनेडियन संविधान से प्रेरित है।
  2. 2. इस दायित्व को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार किसी भी राज्य की सहमति के बिना भी वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर सकती है।
  3. 3. अनुच्छेद 355, अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) और अनुच्छेद 365 के साथ एक समेकित संवैधानिक तंत्र का हिस्सा है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 355 के समान आपातकालीन और संघ के कर्तव्य वाले प्रावधान मुख्य रूप से जर्मन (वीमर) संविधान और अमेरिकी संघवाद के सिद्धांतों से प्रभावित हैं, न कि सीधे तौर पर कनाडा से (हालांकि कनाडा से मजबूत केंद्र का कॉन्सेप्ट लिया गया है)। कथन 2 सही है; आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और अनुच्छेद 355 के तहत अपने दायित्व के निर्वहन के लिए केंद्र सरकार राज्य की पूर्व सहमति के बिना भी केंद्रीय बलों (जैसे CRPF) को तैनात कर सकती है। कथन 3 सही है; अनुच्छेद 355 केंद्र को यह शक्ति देता है कि यदि कोई राज्य केंद्र के कार्यकारी निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है (अनुच्छेद 365), तो वहां अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। इस प्रकार ये सभी अनुच्छेद आपस में जुड़े हुए हैं।
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