त्वरित लिंक्स
Indian Polity
18 views
भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 312' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All-India Services) के सृजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संसद को नई अखिल भारतीय सेवा बनाने का अधिकार केवल तभी प्राप्त होता है जब राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करे।
- 2. इस प्रकार सृजित की गई नई अखिल भारतीय सेवा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अलावा भारतीय न्यायिक सेवा (Indian Judicial Service) को भी शामिल किया गया है, जिसका गठन संविधान लागू होने के साथ ही कर दिया गया था।
- 3. यह प्रावधान देश की संघीय व्यवस्था में राज्य सभा को एक विशिष्ट और अनन्य शक्ति प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से एक संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं (संघ और राज्यों के लिए उभयनिष्ठ) के सृजन का उपबंध कर सकती है। इस प्रकार कथन 1 सही है। वर्तमान में केवल तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं- IAS, IPS और भारतीय वन सेवा (IFoS)। 'भारतीय न्यायिक सेवा' (IJS) के सृजन का प्रावधान संविधान में है, लेकिन अभी तक इसका गठन नहीं किया गया है; अतः कथन 2 गलत है। यह शक्ति केवल राज्य सभा को प्राप्त है, जो लोकसभा की तुलना में राज्य सभा की स्थिति को मजबूत और विशिष्ट बनाती है। अतः कथन 3 भी सही है।
Related Questions
→
भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति कौन करता है?
→
भारतीय संविधान के 'महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों' और 'आपातकालीन उपबंधों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के संचालन को व्यापक बनाते हुए यह प्रावधान किया गया कि आपातकाल की उद्घोषणा भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी विशिष्ट भाग तक सीमित की जा सकती है, तथा राष्ट्रपति को देश के विभिन्न हिस्सों में भिन्न-भिन्न आधारों पर एक साथ अलग-अलग आपातकाल उद्घोषित करने की शक्ति भी प्रदान की गई।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा करने के लिए मंत्रिमंडल (Cabinet) की लिखित अनुशंसा राष्ट्रपति को दी जानी चाहिए, और इस उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर विशेष बहुमत (Special Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।
3. 44वें संविधान संशोधन के पश्चात ही यह स्पष्ट किया गया कि अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी किसी भी स्थिति में निलंबित (Suspend) नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 और शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में जोड़े गए भाग IX-A के अंतर्गत अनुच्छेद 243-W में यह प्रावधान किया गया है कि राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, नगरपालिकाओं को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जिससे वे बारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 18 कार्य-विषयों के संबंध में आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाओं को तैयार करने तथा उन्हें कार्यान्वित करने का उत्तरदायित्व निभा सकें।
2. महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee - MPC) के गठन का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 243-ZE के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत महानगर क्षेत्र के लिए विकास योजना तैयार करने वाली इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्य उस महानगर क्षेत्र में स्थित नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और जिला पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से ही चुने जाने अनिवार्य हैं।
3. इस संशोधन के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका के लिए निर्वाचन वित्तीय मामलों और खातों के संवीक्षा (Audit) के लिए राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर निर्भर करता है, जिसे मूल रूप से केवल 73वें संविधान संशोधन (पंचायतों) के लिए ही उपबंधित किया गया था और 74वें संशोधन में इसे नगरपालिकाओं पर स्वतः लागू नहीं किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग एक अखिल भारतीय निकाय है जो संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का संचालन करता है, किंतु वर्तमान में निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और इन सभी को अपने पद पर समान शक्तियाँ तथा समान वेतन (उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समकक्ष) प्राप्त होते हैं।
2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 126 के अनुसार मतदान समाप्त होने के लिए नियत समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है।
3. 'दिनेश गोस्वामी समिति' (1990) ने चुनाव सुधारों पर अपनी रिपोर्ट में सरकारी धन से वित्तपोषित चुनाव प्रचार, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के प्रयोग, और राजनीतिक दलों के खातों की अनिवार्य ऑडिटिंग जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे, जिन्हें बाद में कानूनन लागू किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
संसद के संयुक्त अधिवेशन को कौन बुलाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.