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पर्यावरण संरक्षण से जुड़े 'मोंट्रियल प्रोटोकॉल' (Montreal Protocol) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यह प्रोटोकॉल वर्ष 1987 में अपनाया गया था और इसे वर्ष 1989 में लागू किया गया था।
  2. 2. इसका मुख्य उद्देश्य ओजोन परत को क्षीण करने वाले पदार्थों (ODS) के उत्पादन और उपभोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना है।
  3. 3. हाल ही में किया गया 'किगाली संशोधन' (Kigali Amendment) हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) के चरणबद्ध तरीके से उत्पादन को कम करने से संबंधित है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

मोंट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों (जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन या CFCs) को नियंत्रित करने के लिए 16 सितंबर 1987 को अपनाया गया था और यह 1 जनवरी 1989 को प्रभावी हुआ था। अतः कथन 1 सही है। इसका मुख्य उद्देश्य ओजोन क्षयकारी पदार्थों के वैश्विक उत्पादन और उपयोग को कम करना है, जिससे कथन 2 भी सही है। वर्ष 2016 में मोंट्रियल प्रोटोकॉल में 'किगाली संशोधन' (Kigali Amendment) किया गया, जिसके तहत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों यानी हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) के उपयोग को अगले तीन दशकों में 80% से अधिक कम करने का कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य रखा गया है। अतः कथन 3 भी सही है।
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