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History of India
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मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, 'मदद-ए-माश' (Madad-i-Maash) किसे इंगित करता है?

Detailed Explanation

मुगल प्रशासन में 'मदद-ए-माश' (जिसे 'स्यूरघुल' भी कहा जाता था) सम्राट या स्थानीय अधिकारियों द्वारा विद्वानों, धार्मिक व्यक्तियों, संतों और जरूरतमंदों को जीवन निर्वाह के लिए दी जाने वाली कर-मुक्त (revenue-free) भूमि अनुदान थी। इसे वंशानुगत रूप से भी आगे बढ़ाया जा सकता था, जिसकी पुष्टि सदर-उस-सुदूर (Sadr-us-Sudur) विभाग द्वारा की जाती थी।
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Related Questions

→ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उनके सैन्य और राजनीतिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने कानपुर में 5 जून 1857 को विद्रोह का नेतृत्व संभाला और स्वयं को पेशवा घोषित करते हुए ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सत्ता को समाप्त कर दिया, जिसमें अजीमुल्ला खां उनके मुख्य सलाहकार, राजनयिक और राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में कार्यरत थे। 2. तात्या टोपे ने कानपुर और ग्वालियर के मोर्चों पर ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध अत्यंत कुशल छापामार (गोरिल्ला) युद्ध का संचालन किया तथा ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल को पराजित कर कानपुर पर स्थायी रूप से अधिकार बनाए रखा था। 3. कानपुर में ब्रिटिश आत्मसमर्पण के उपरांत घटी 'बीबीघर नरसंहार' (Bibighar Massacre) की घटना के पश्चात ब्रिटिश सेनापति जनरल सर ह्यूरोज ने कानपुर की पुनः प्राप्ति के लिए भीषण सैन्य अभियान का नेतृत्व किया था और नाना साहब को गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मराठा साम्राज्य के सुदृढ़ीकरण और शिवाजी के सैन्य-प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी ने अपनी सैन्य व्यवस्था में पारंपरिक सामंती लेवी पर निर्भरता को कम करते हुए 'पगा' सैनिकों (राज्य द्वारा सीधे नियुक्त और सुसज्जित घुड़सवार सेना) को 'सिलहदारों' (जो अपने घोड़े और शस्त्र स्वयं लाते थे) की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी और उन्हें नियमित नगद वेतन देने की व्यवस्था की। 2. शिवाजी के भू-राजस्व प्रशासन में 'अन्नाजी दत्तो' द्वारा किए गए भूमि सर्वेक्षण के आधार पर मानक लग्स (काठी) का प्रयोग किया गया, जिसमें शुरुआत में उपज का 33 प्रतिशत राज्य का हिस्सा तय किया गया था, जिसे बाद में पेशवा काल में बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया था। 3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के कर थे, जिनमें 'चौथ' पड़ोसी मुगल क्षेत्रों की सुरक्षा के एवज में वसूला जाने वाला 25% कर था, जबकि 'सरदेशमुखी' संपूर्ण देश पर पैतृक अधिकारों के दावे के रूप में वसूल किया जाने वाला अतिरिक्त 10% कर था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारतीय स्वतंत्रता और माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के प्रावधानों तथा उसके क्रियान्वयन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में यह निर्णय लिया गया कि दोनों प्रांतों का विभाजन किया जाए या नहीं, इसके लिए मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों और गैर-मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों द्वारा अलग-अलग मतदान (Separate Voting) किया जाएगा। 2. इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसमें शामिल होना है, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) आयोजित किया गया था, जिसमें सिलहट ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया था। 3. रियासतों (Princely States) के भविष्य के संबंध में माउंटबेटन योजना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि वे या तो भारत डोमिनियन या पाकिस्तान डोमिनियन में शामिल हो सकती हैं, अथवा वे अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हुए एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में भी रह सकती हैं। 4. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 को ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित किया गया, जिसके माध्यम से 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियंस के सृजन को वैधानिक मान्यता प्रदान की गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मुगलकालीन वास्तुकला और उसके विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हुमायूं का मकबरा भारत में पहली बार चारबाग शैली का पूर्ण प्रयोग और सफेद संगमरमर से निर्मित विशाल दोहरे गुंबद (Double Dome) वाला पहला मकबरा था, जिसका निर्माण उसकी विधवा हाजी बेगम की देखरेख में फारसी वास्तुकार मिर्जा गियास द्वारा किया गया था। 2. शाहजहां के शासनकाल को मुगल वास्तुकला का 'स्वर्णकाल' कहा जाता है, जिसके दौरान लाल बलुआ पत्थर के स्थान पर शुद्ध सफेद संगमरमर का अत्यधिक प्रयोग शुरू हुआ, तथा वास्तुकला में 'पित्रा दूरा' (Pietra Dura - संगमरमर पर मूल्यवान रत्नों की जड़ाई कला) का उत्कृष्ट प्रदर्शन ताजमहल और आगरा के दीवान-ए-आम में देखने को मिलता है। 3. जहांगीर के काल में वास्तुकला में मकबरों के निर्माण से अधिक सुंदर उद्यानों और कलात्मक अलंकरणों को प्राथमिकता मिली, जिसका सबसे सुंदर उदाहरण लाहौर का शालीमार बाग और नूरजहां द्वारा अपने पिता इत्माद-उद-दौला का संगमरमर से निर्मित मकबरा है, जो पूरी तरह पित्रा दूरा शैली से सुसज्जित है। 4. औरंगजेब के शासनकाल में विलासितापूर्ण वास्तुकला को राजकीय प्रोत्साहन मिलना बंद हो गया, किंतु उसकी अपनी पत्नी राबिया-उद-दौरानी (दिलरस बानो बेगम) की स्मृति में औरंगाबाद में निर्मित 'बीबी का मकबरा' (जिसे 'दक्खिन का ताज' भी कहा जाता है) ताजमहल की नकल के रूप में संगमरमर और प्लास्टर दोनों के मिश्रण से बनवाया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा उनके संस्थापकों के वैचारिक और संगठनात्मक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और पुरोहितवाद का कड़ा विरोध करते हुए उपनिषदों के एकेश्वरवाद पर बल दिया, किंतु उन्होंने ईसाई धर्म के त्रित्व (Trinity) सिद्धांत को स्वीकार न करते हुए 'द प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस' में केवल ईसा मसीह के नैतिक और दार्शनिक उपदेशों की प्रशंसा की थी। 2. स्वामी विवेकानंद ने 1897 में 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक मुक्ति प्राप्त करना था, और इस संस्था ने वेदान्त दर्शन के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाज सुधार, शिक्षा विस्तार और राहत कार्यों जैसे व्यावहारिक कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। 3. ज्योतिराव फुले ने वर्ष 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शूद्रों और अतिशूद्रों (अस्पृश्य जातियों) को ब्राह्मणवादी वर्चस्व, धार्मिक पाखंडों और शोषणकारी सामाजिक व्यवस्था से मुक्त कराना तथा उन्हें आत्मसम्मान प्रदान करना था। 4. एनी बेसेंट ने थियोसोफिकल सोसाइटी के भारतीय मुख्यालय की स्थापना अड्यार (मद्रास) में की थी, और उन्होंने प्राचीन हिंदू धर्म के पुनरुत्थान के साथ-साथ बाल विवाह, जाति भेद जैसी सामाजिक कुप्रथाओं का समर्थन करते हुए भारतीय राजनीति में 'होम रूल लीग' आंदोलन का नेतृत्व किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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