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भारतीय सिविल सेवा के इतिहास और प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में, वर्ष 1908 में गठित 'रॉयल कमीशन ऑन डिसेंट्रलाइजेशन' (हॉबहाउस आयोग) की सिविल प्रशासन और स्थानीय शासन से संबंधित निम्नलिखित संस्तुतियों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस आयोग ने सिफारिश की थी कि जिला कलेक्टर (District Collector) को अपनी प्रशासनिक शक्तियों का विकेंद्रीकरण करते हुए जिला स्तर पर स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के अध्यक्ष के पद से हटा दिया जाना चाहिए।
  2. 2. आयोग ने इस बात पर जोर दिया था कि प्रांतीय सरकारों को वित्तीय स्वायत्तता दी जानी चाहिए और स्थानीय निकायों को अपने कर लगाने तथा बजट पारित करने का पूर्ण अधिकार होना चाहिए।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1908 में लॉर्ड हॉबहाउस की अध्यक्षता में 'रॉयल कमीशन ऑन डिसेंट्रलाइजेशन' (विकेंद्रीकरण आयोग) का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत में वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों के विकेंद्रीकरण की संभावनाओं की जांच करना था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में संस्तुति की थी कि जिला कलेक्टरों को स्थानीय बोर्डों (Local Boards) के अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए, बल्कि स्थानीय निकायों को अधिक स्वायत्तता मिलनी चाहिए और उनके अध्यक्ष गैर-आधिकारिक होने चाहिए। साथ ही, आयोग ने प्रांतीय सरकारों को अधिक वित्तीय अधिकार देने और स्थानीय निकायों को कराधान (taxation) व बजट के मामलों में आत्मनिर्भर बनाने की वकालत की थी। अतः दोनों कथन सही हैं।
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