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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) की सर्वोच्च अवस्था 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) को प्राप्त करने से ठीक पहले व्यक्ति द्वारा अपनी किन आवश्यकताओं को संतुष्ट करना अनिवार्य माना जाता है?

Detailed Explanation

अब्राहम मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत में पदानुक्रम को कुल पाँच स्तरों में बांटा गया है: 1. शारीरिक आवश्यकताएँ, 2. सुरक्षा आवश्यकताएँ, 3. संबंध एवं प्रेम की आवश्यकताएँ, 4. सम्मान की आवश्यकताएँ (Esteem Needs), और 5. सर्वोच्च स्तर पर 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकताएँ' (Self-Actualization)। चूँकि 'सम्मान की आवश्यकताएँ' आत्म-सिद्धि से ठीक नीचे (चौथे स्तर पर) आती हैं, इसलिए आत्म-सिद्धि तक पहुँचने के लिए व्यक्ति को इससे ठीक पहले सम्मान (आत्म-सम्मान और दूसरों से मान्यता) की आवश्यकताओं को संतुष्ट करना आवश्यक होता है।
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→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम के न्यूरो-जैविक अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'शारीरिक आवश्यकताएं' (Physiological Needs) से लेकर 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) तक के चरणों के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रलग्रुप न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Ventral Striatum / Nucleus Accumbens) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की आंतरिक अभिप्रेरणा और पुरस्कार प्राप्ति की सक्रियण प्रक्रिया, तथा डेविड मैक्लेलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Needs Theory) के अंतर्गत 'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबंध की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण वातावरण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय आंतरिक अभिप्रेरणा के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) और उसके संशोधनों तथा दार्शनिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'समाजवादी' (Socialist), 'पंथनिरपेक्ष' (Secular) और 'अखंडता' (Integrity) शब्द जोड़े गए थे। 2. प्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (Justice) के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से प्रेरणा लेकर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक—इन तीन रूपों में शामिल किया गया है, जबकि 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के आदर्श को अमेरिकी क्रांति से लिया गया है। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में यह स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और इसमें संसद द्वारा अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के मूल ढाँचे (Basic Structure) को प्रभावित किए बिना संशोधन किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → बाल विकास के संदर्भ में, वाइगोत्스키 (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' में 'स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) की अवधारणा निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करती है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, चट्टानी संरचना और खनिज संपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के प्राचीनतम रवेदार (Crystalline) और विंध्यन क्रम की चट्टानें मुख्य रूप से राज्य के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र तथा मिर्जापुर-सोनभद्र के पहाड़ी इलाकों में पाई जाती हैं। 2. उत्तर प्रदेश देश में 'ऐन्डालीजुलाइट' (Andalusite), 'पाइरोफिलाइट' (Pyrophyllite) और 'डायस्पोर' (Diaspore) जैसे खनिजों के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो मुख्य रूप से झांसी, महोबा और हमीरपुर जिलों में मिलते हैं। 3. राज्य के सोनभद्र जिले के कचनार और घुर्मा क्षेत्रों में पाए जाने वाले 'चूना पत्थर' (Limestone) का उपयोग मुख्य रूप से डल्ला सीमेंट कारखाने में किया जाता है, और यह विंध्यन युगीन चट्टानों का भाग है। 4. उत्तर प्रदेश के बिजनौर और सहारनपुर जिलों में 'फॉस्फोराइट' और 'कोयला' के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जिनका खनन राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (g-factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (s-factor) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - जी-फैक्टर के अंतर्गत कार्यकारी नियंत्रण, कार्यशील स्मृति और अमूर्त तर्क) और 'विशिष्ट संवेदी-मोटर व एसोसिएशन कॉर्टेक्स' (Sensory-Specific and Association Cortices - एस-फैक्टर के अंतर्गत विशिष्ट कौशलों का प्रसंस्करण) के बीच 'पैरिएटो-फ्रंटल इंटीग्रेशन थ्योरी' (P-FIT Model) की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल के 'द्रव्य और ठोस बुद्धि' (Fluid and Crystallized Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामान्य संज्ञानात्मक दक्षता, विशिष्ट कौशलों के विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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