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MPTET
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अधिगम की अक्षमता (Learning Disability) के संदर्भ में, 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) से ग्रसित विद्यार्थियों की पहचान और उनके शिक्षण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन मनोवैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक उपयुक्त है?

Detailed Explanation

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disability) है जो मस्तिष्क द्वारा भाषा की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। यह बुद्धि की कमी या दृष्टि दोष के कारण नहीं होती, बल्कि यह मुख्य रूप से ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological processing) और शब्दों को डिकोड करने की कठिनाई से जुड़ी होती है। बहुसंवेदी शिक्षण पद्धतियों (Multi-sensory teaching approaches) के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से सिखाया जा सकता है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, स्कूली शिक्षा के किस चरण में 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के स्थान पर 'क्षमता-आधारित शिक्षण और आकलन' (Competency-based learning and assessment) को प्राथमिकता देने की संस्तुति की गई है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान/सहारा' (Scaffolding), और 'संज्ञानात्मक विकास में संस्कृति एवं भाषा की केंद्रीय भूमिका' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक वाक् (Inner Speech), सामाजिक अंतःक्रिया और पायरॉजिकल टूल्स (Psychological Tools) के माध्यम से उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों के संवर्द्धन और स्व-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) के चार अंतःसंबंधित घटकों—(1) ध्यान (Attention), (2) धारणा/स्मरण (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरणा/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)—तथा 'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रतिरूपण (Modeling), स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy), और परोक्ष पुनर्बलन (Vicarious Reinforcement) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणा—जिसके तहत किसी बालक के वास्तविक विकास स्तर (Actual Development Level) और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन में उसके संभावित विकास स्तर (Potential Development Level) के बीच के अंतराल को ZPD कहा जाता है, तथा इस प्रक्रिया में बालक को प्रदान किया जाने वाला वह अस्थायी, संरचित और सहयोगात्मक मार्गदर्शन 'Scaffolding' कहलाता है जिसे धीरे-धीरे वापस ले लिया जाता है जैसे-जैसे बालक स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम होता जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवादात्मक अधिगम, संज्ञानात्मक आंतरिकरण (Internalization) और सहयोगात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Kohlberg's Stages of Moral Development) के संदर्भ में, पारंपરિક नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले 'अच्छा लड़का/अच्छी लड़की' (Good Boy/Good Girl) अभिविन्यास और 'कानون एवं व्यवस्था' (Law and Order) अभिविन्यास के बीच का मूल मनोवैज्ञानिक अंतर निम्नलिखित में से किस विशेषता को स्पष्ट करता है?
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