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BPSC TRE 4.0
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बिहार के आर्थिक सर्वेक्षण और बजट के संदर्भ में, राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई 'सात निश्चय पार्ट-3' (2025-2030 की परिकल्पना) या हालिया प्रशासनिक नीतियों के तहत 'बिहार उद्यमी योजना' के अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अति पिछड़ा वर्ग (EBC), महिला और युवाओं के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु कितनी राशि तक का ऋण और अनुदान (Loan & Subsidy) प्रदान करने का प्रावधान किया गया है?

Detailed Explanation

बिहार सरकार की 'मुख्यमंत्री उद्यमी योजना' (तथा अन्य संबंधित वर्ग आधारित उद्यमी योजनाएं) के तहत नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें 5 लाख रुपये का अनुदान (Subsidy) और शेष 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण (0% Interest Loan) के रूप में 84 समान किस्तों में चुकाने के लिए दिए जाते हैं, जो BPSC परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण समसामयिक एवं आर्थिक तथ्य है।
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Related Questions

→ बिहार सरकार द्वारा राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, किसानों को कृषि सहायता और कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शुरू किए गए प्रमुख पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बिहार कृषि इनपुट अनुदान पोर्टल' के माध्यम से राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (जैसे सूखा, बाढ़ या अत्यधिक ओलावृष्टि) के कारण फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। 2. 'बिहान ऐप' (BIHAN App) और 'राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग' द्वारा लॉन्च किया गया 'परिमाप पोर्टल' डिजिटल भूमि सर्वेक्षण, ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation) और भू-नक्शा के आधुनिकीकरण के लिए उपयोग किया जा रहा है। 3. 'ई-निश्चय पोर्टल' (e-Nishchay Portal) का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर नल का जल' और 'गली-पक्की नाली योजना' के कार्यों की मॉनिटरिंग करना तथा उनके रखरखाव की शिकायतों का त्वरित समाधान करना है। 4. 'फर्ज़ी शिक्षक पहचान पोर्टल' के माध्यम से राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की ऑनलाइन जाँच और निगरानी की जाती है, जो शिक्षा विभाग की एक विशेष पहल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) के प्रशासनिक तथा न्यायिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, किंतु संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए अथवा किसी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है (जैसे कलकत्ता उच्च न्यायालय का अधिकारक्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक विस्तारित है)। 2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायमूर्ति और संबंधित राज्य के राज्यपाल के परामर्श से की जाती है, किंतु उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंपते हैं और इन्हें हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के समान ही संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर होती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश से नीचे के न्यायिक सेवा के अन्य अधिकारियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय और राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से नियम बनाकर की जाती है। 4. संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 239 के अंतर्गत राष्ट्रपति प्रत्येक संघ राज्य क्षेत्र का प्रशासन अपने द्वारा नियुक्त 'प्रशासक' (Administrator/Lieutenant Governor) के माध्यम से चलाता है, और संसद को यह अधिकार है कि वह विधि द्वारा किसी भी संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च न्यायालय का गठन कर सकती है या उसे किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकारक्षेत्र के अधीन कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → प्रकाश वैद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect), एक्स-किरणों के उत्पादन और रेडियोधर्मिता से जुड़े भौतिकी के विविध आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आइंस्टीन के प्रकाश वैद्युत समीकरण के अनुसार, उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित फोटॉन की आवृत्ति पर रैखिक रूप से निर्भर करती है, और देहली आवृत्ति (Threshold Frequency) से कम आवृत्ति का प्रकाश तीव्रता बढ़ाने पर भी कोई इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं कर सकता है। 2. 'कूलिज ट्यूब' (Coolidge Tube) में तीव्र गति से चलने वाले इलेक्ट्रॉनों को उच्च परमाणु क्रमांक वाले भारी धातु के लक्ष्य (Target) पर टकराकर एक्स-किरणें उत्पन्न की जाती हैं, जहाँ लक्ष्य धातु का परमाणु क्रमांक जितना अधिक होगा, उत्पन्न होने वाली एक्स-किरणों की वेधन क्षमता (Penetrating Power) उतनी ही कम होगी। 3. रेडियोधर्मिता के अल्फा ($α$) क्षय के दौरान जनक नाभिक का परमाणु क्रमांक 2 इकाई और द्रव्यमान संख्या 4 इकाई कम हो जाती है, जबकि बीटा-माइनस ($β^-$) क्षय के दौरान नाभिक का परमाणु क्रमांक 1 इकाई बढ़ जाता है क्योंकि न्यूट्रॉन एक प्रोटॉन, एक इलेक्ट्रॉन और एक एंटीन्यूट्रिनो में परिवर्तित हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → ध्वनि तरंगों और तरंग गति (Wave Motion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ध्वनि तरंगें यांत्रिक अनुदैर्ध्य (Mechanical Longitudinal) तरंगें होती हैं, जिनके संचरण के लिए माध्यम के कणों में प्रत्यास्थता (Elasticity) और जड़त्व (Inertia) का होना अनिवार्य है, यही कारण है कि निर्वात में ध्वनि का संचरण संभव नहीं होता। 2. लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार, गैसों में ध्वनि की चाल का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma P}{\rho}}$ होता है, जिसके अनुसार गैस के दाब में परिवर्तन करने पर ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे, क्योंकि दाब और घनत्व का अनुपात नियत रहता है। 3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम (जैसे वायु से जल में) में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, जबकि माध्यम के घनत्व एवं प्रत्यास्थता परिवर्तन के कारण उसकी चाल और आयाम (Amplitude) बदल जाते हैं। 4. प्रतिध्वनि (Echo) स्पष्ट रूप से सुनने के लिए परावर्तक सतह और श्रोता के बीच की न्यूनतम दूरी सामान्य वायुमंडलीय तापमान पर लगभग 16.6 मीटर (या 17 मीटर) होनी चाहिए, क्योंकि मानव कान पर ध्वनि का संवेदी प्रभाव $1/10$ सेकंड (0.1 सेकंड) तक बना रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार के अपवाह तंत्र, प्रमुख घाटियों, जलप्रपातों और झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपनी धारा बार-बार बदलने के लिए कुख्यात है और यह नेपाल से निकलकर सुपौल एवं सहरसा जिलों के पास गंगा नदी में मिलने से पहले गोखुर झीलों (Oxbow Lakes) का निर्माण करती है। 2. कैमूर के पठार पर स्थित 'ककोदकट' (ककोलत) जलप्रपात नवादा जिले में स्थित है, जबकि रोहतास जिले में कर्मनाशा और दुर्गावती नदियों पर क्रमशः 'दुर्गावती जलप्रपात' और 'मझर कुंड' स्थित हैं जो राज्य के प्रमुख जलप्रपात हैं। 3. बेगूसराय जिले में स्थित 'कावर झील' (Kanwar Lake) एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर झील है, जिसे रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी नामित किया गया है, और यह प्रवासी पक्षियों का एक प्रमुख आश्रय स्थल है। 4. उत्तर बिहार के मैदानी भागों में गंगा के उत्तर की ओर समानांतर बहने वाली नदियाँ (जैसे बूढ़ी गंडक, बागमती और कमला) अपने पुराने विसर्जन मार्गों को छोड़ चुकी हैं, जिनके अवशेषों के रूप में कई 'छाड़न झीलें' (Chaur or Wetland Lakes) पाई जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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