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भारतीय पर्यावरण इतिहास के संदर्भ में, 'चिपको आंदोलन' (1973) से पहले उत्तराखंड के क्षेत्र में वनों की تجارتی (व्यावसायिक) नीलामी के खिलाफ वर्ष 1940 के दशक में किस प्रसिद्ध जन-आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसमें 'दूध और पानी का रिश्ता' का नारा दिया गया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चिपको आंदोलन से बहुत पहले, टिहरी गढ़वाल रियासत में राजा के वन कानूनों और व्यावसायिक कटाई के खिलाफ 1940 के दशक में 'रैंवाल आंदोलन' (Raiwai Movement) एक प्रमुख जन-विद्रोह के रूप में उभरा था। इस आंदोलन में वनों के साथ पारंपरिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए स्थानीय जनता ने कड़ा संघर्ष किया था, जो बाद के पर्यावरण आंदोलनों की नींव बना।
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भारतीय पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण के इतिहास के संदर्भ में, वर्ष 1973 में शुरू किए गए प्रसिद्ध 'चिपको आंदोलन' (Chipko Movement) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
1. इस आंदोलन की शुरुआत तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान में उत्तराखंड) के चमोली जिले से हुई थी और सुंदरलाल बहुगुणा तथा चंडी प्रसाद भट्ट इसके प्रमुख प्रणेता थे।
2. यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक था जिसमें स्थानीय महिलाओं ने पेड़ों से चिपककर उनकी कटाई का विरोध किया था, और इसने पारिस्थितिकीय और आर्थिक दोनों मुद्दों को सफलतापूर्वक रेखांकित किया था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:
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