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Environmental Studies
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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'कार्बन निषेचन प्रभाव' (Carbon Fertilization Effect) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. यह वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के बढ़ते सांद्रता स्तर के कारण पौधों की प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) दर और उनकी वृद्धि में होने वाली वृद्धि को संदर्भित करता है।
- 2. यह प्रभाव C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में अधिक प्रभावी और तीव्र रूप से देखा जाता है, क्योंकि C3 पौधों की शारीरिक रचना CO2 के प्रति कम संवेदनशील होती है।
- 3. हालांकि यह पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है, लेकिन इसके दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभावों में पौधों के ऊतकों में पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन और प्रोटीन) की सांद्रता में कमी आ सकती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 'कार्बन निषेचन प्रभाव' वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडल में CO2 की मात्रा बढ़ने से पौधों को प्रकाश संश्लेषण के लिए अधिक कार्बन उपलब्ध होता है, जिससे उनकी वृद्धि और बायोमास में वृद्धि होती है। कथन 2 गलत है: यह प्रभाव C4 पौधों (जैसे मक्का, गन्ना) की तुलना में C3 पौधों (जैसे गेहूँ, चावल, सोयाबीन) में अधिक स्पष्ट रूप से देखा जाता है, क्योंकि C3 पौधे उच्च CO2 स्तर के प्रति अधिक प्रतिक्रियाशील होते हैं। कथन 3 सही है: यद्यपि यह पौधों की वृद्धि को बढ़ाता है, अध्ययन बताते हैं कि इससे पौधों की पत्तियों और बीजों में प्रोटीन और खनिजों (जैसे नाइट्रोजन, जस्ता और लोहा) की सांद्रता कम हो जाती है, जिससे शाकाहारी जीवों और मानव पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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