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Environmental Studies
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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'जैविक इंडिकेटर' (Bioindicators) और 'लाइकेन' (Lichens) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लाइकेन कवक (Fungi) और शैवाल (Algae) या साइनोबैक्टेरियम के बीच सहजीवी (Symbiotic) संबंध का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो वायु प्रदूषण, विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।
- 2. चूँकि लाइकेन अपने पोषण के लिए वायुमंडल और वर्षा जल पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर करते हैं और इनकी कोशिका भित्ति प्रदूषकों को आसानी से अवशोषित कर लेती है, इसलिए इन्हें 'स्वच्छ वायु का जैविक संकेतक' माना जाता है।
- 3. वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में लाइकेन की प्रजातियाँ अत्यधिक तेजी से और घनी मात्रा में पनपती हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार का पता चलता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 और 2 सही हैं। लाइकेन (Lichens) कवक और शैवाल के सहजीवी संबंध होते हैं और वे सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) जैसे वायु प्रदूषकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। वे पर्यावरण में प्रदूषण की उपस्थिति का संकेत देते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में लाइकेन जीवित नहीं रह पाते हैं और मर जाते हैं; अतः प्रदूषित क्षेत्रों में इनकी संख्या घट जाती है न कि वे तेजी से पनपते हैं।
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