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General Science
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मानव शरीर में 'कोशिका चक्र' (Cell Cycle) के 'जी-शून्य (G0) प्रावस्था' (G0 Phase / Quiescent stage) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. यह प्रावस्था उन कोशिकाओं द्वारा अपनाई जाती है जो विभाजन बंद कर देती हैं लेकिन चयापचय रूप से सक्रिय बनी रहती हैं, जैसे कि वयस्क मनुष्यों में अधिकांश तंत्रिका कोशिकाएं (Neurons)।
- 2. जी-शून्य प्रावस्था में प्रवेश करने वाली कोशिकाएं स्थाई रूप से कोशिका चक्र से बाहर हो जाती हैं और कभी भी पुनः विभाजित होने की क्षमता प्राप्त नहीं कर सकतीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 'जी-शून्य (G0) प्रावस्था' या शांत अवस्था (Quiescent stage) में कोशिकाएं सक्रिय रूप से चयापचय (Metabolically active) रहती हैं, लेकिन जीव की आवश्यकता के अनुसार आगे विभाजित नहीं होती हैं। उदाहरण के लिए, तंत्रिका कोशिकाएं और हृदय की मांसपेशियां आमतौर पर इस प्रावस्था में प्रवेश करती हैं।
कथन 2 गलत है: जी-शून्य प्रावस्था में जाने वाली कोशिकाएं स्थाई रूप से विभाजित होने की क्षमता नहीं खोतीं। अधिकांश कोशिकाएं आवश्यकता पड़ने पर (जैसे चोट या क्षति की स्थिति में) मिटोसिस (Mitosis) या कोशिका चक्र में वापस लौट सकती हैं और पुनः विभाजित हो सकती हैं।
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