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Environmental Studies
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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'जैविकीय विखंडन' (Biological Fragmentation) और 'ह्यूमिफिकेशन' (Humification) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जैविकीय विखंडन वह प्रक्रिया है जिसमें डेट्रिटिवोर्स (Detritivores, जैसे केंचुए) डेट्रिटस को छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं, जिससे सूक्ष्मजीवों की कार्रवाई के लिए उपलब्ध सतही क्षेत्रफल (Surface Area) बढ़ जाता है।
- 2. ह्यूमिफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसके दौरान ह्यूमस (Humus) का तेजी से और पूर्ण रूप से अपघटन हो जाता है, जिससे यह पूरी तरह से अकार्बनिक खनिजों में बदलकर तुरंत वाष्पीकृत हो जाता है।
- 3. अपघटन (Decomposition) की इस पूरी प्रक्रिया में 'खनिजीकरण' (Mineralization) वह अंतिम चरण है जिसमें ह्यूमस से अकार्बनिक पोषक तत्व मुक्त होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: जैविकीय विखंडन (Fragmentation) में डेट्रिटिवोर्स (जैसे केंचुए) डेट्रिटस (मृत कार्बनिक पदार्थ) को छोटे टुकड़ों में विभाजित करते हैं, जिससे अपघटनकर्ताओं के लिए सतही क्षेत्रफल बढ़ जाता है।
कथन 2 गलत है: ह्यूमिफिकेशन के दौरान ह्यूमस का अपघटन बहुत धीमी गति से होता है (यह सूक्ष्मजीवों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होता है), न कि तेजी से और पूर्ण रूप से। यह एक अमॉर्फस (बेढंगा), गहरे रंग का पदार्थ बनाता है जो पोषक तत्वों का भंडार होता है।
कथन 3 सही है: खनिजीकरण (Mineralization) वह प्रक्रिया है जिसमें कुछ सूक्ष्मजीव ह्यूमस का और अधिक निम्नीकरण करते हैं और अकार्बनिक पोषक तत्वों को मुक्त करते हैं। अतः कथन 1 और 3 सही हैं।
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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'पारिस्थितिक पदचिह्न' (Ecological Footprint) और 'जैव-क्षमता' (Biocapacity) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पारिस्थितिक पदचिह्न' किसी व्यक्ति, शहर या देश द्वारा अपनी मांग को पूरा करने (संसाधनों के उपभोग और कचरे को अवशोषित करने) के लिए आवश्यक बायो-उत्पादक भूमि और जल क्षेत्र का एक माप है।
2. 'जैव-क्षमता' किसी दिए गए क्षेत्र की जैविक रूप से उत्पादक भूमि और जल की वह कुल क्षमता है जो मानव की मांग को पूरा करने के लिए नवीकरणीय संसाधन उत्पन्न करती है और कचरे कोीय रूप से सोखती है।
3. जब किसी देश या क्षेत्र का 'पारिस्थितिक पदचिह्न' उसकी 'जैव-क्षमता' से अधिक हो जाता है, तो उसे 'पारिस्थितिक घाटा' (Ecological Deficit) कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि वह पारिस्थितिक रूप से अपनी वहन क्षमता (Carrying Capacity) से अधिक उपभोग कर रहा है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कौन सा पक्षी अपना घोंसला नहीं बनाता?
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