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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के मनोवैज्ञानिक संदर्भ में, गेस्केल (Gaskell) तथा अन्य मनोवैज्ञानिकों के अनुसार सीखने की प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाले 'पठार' के निर्माण का मुख्य कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के अंतर्गत बाल विकास और शिक्षण विधि में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। जब सीखने की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए उन्नति होना बंद हो जाती है और ग्राफ एक सीधी रेखा (पठार) बना लेता है, तो इसे अधिगम का पठार कहते हैं। गेस्केल (Gaskell), रॉस (Ross) और अन्य मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, पठार बनने के प्रमुख कारणों में रुचि या प्रेरणा का अभाव, शारीरिक व मानसिक थकान, कार्य की जटिलता, पुरानी आदत का नई आदत से हस्तक्षेप (Negative Transfer), और अनुचित शिक्षण विधियां शामिल हैं। अतः विकल्प (a) इस संदर्भ में सबसे सटीक कारण है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख मनोवैज्ञानिक एवं तार्किक सीमाओं—विशेषकर 'जीववाद' (Animism), 'अहमकेन्द्रिता' (Egocentrism) और 'अनुत्क्रमणीयता' (Irreversibility)—के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक दृष्टि से सत्य है?
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हिंदी व्याकरण के अंतर्गत, 'यद्यपि वह निर्धन है, तथापि वह ईमानदार है' वाक्य संरचना की दृष्टि से किस प्रकार के वाक्य का उदाहरण है और इसमें प्रयुक्त 'यद्यपि...तथापि' किस प्रकार के उपवाक्य को जोड़ने का कार्य करते हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के बीच अंतर तथा उनके मूलभूत संप्रत्ययों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण और क्रियाशीलता (Active Exploration) के माध्यम से करता है, जबकि वाइगोत्स्की का मानना था कि संज्ञानात्मक विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है, जिसमें ज्ञान का सह-निर्माण वयस्कों और अधिक सक्षम साथियों (MKO) के साथ सामाजिक अंतःक्रिया के द्वारा होता है।
2. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) वह अंतराल है जो बालक के स्वतंत्र रूप से किए जाने वाले वास्तविक विकास स्तर और वयस्कों के मार्गदर्शन या सहयोग से प्राप्त किए जाने वाले संभावित विकास स्तर के बीच होता है, और इस सहयोग को 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) कहा जाता है।
3. पियाजे ने भाषा को संज्ञानात्मक विकास का प्राथमिक चालक (Primary Driver) माना है और यह तर्क दिया कि 'अहंद्क भाषा' (Egocentric Speech) बालक के सामाजिक संप्रेषण को विकसित करने में मदद करती है, जबकि वाइगोत्स्की का मानना था कि भाषा केवल विचारों का प्रतिबिंब है और इसका संज्ञानात्मक विकास में कोई विशेष विकासात्मक महत्व नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और शिक्षण रणनीतियों' के संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत चार प्रमुख चरणों—'मूर्त अनुभव' (Concrete Experience), 'परावर्तनीय प्रेक्षण' (Reflective Observation), 'मूर्त अवधारणात्मक रूपरेखा/सार्वभौमिक संकल्पना' (Abstract Conceptualization), और 'सक्रिय प्रयोग' (Active Experimentation)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा इस चक्र से उत्पन्न होने वाली चार अधिगम शैलियों—'अभिसारी' (Converger), 'अपसारी' (Diverger), 'आत्मसातकर्ता' (Assimilator), और 'समायोजक' (Accommodator)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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