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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एडवर्ड सी. टॉलमैन (Edward C. Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक मानचित्रण' (Cognitive Mapping) और 'अधिगम के सिद्धांत' के अंतर्गत, जब कोई शिक्षार्थी किसी विशेष परिस्थिति में सीखे गए ज्ञान, नियमों या कौशलों का प्रयोग किसी पूर्णतः भिन्न या नवीन जटिल समस्या का समाधान करने के लिए इस प्रकार करता है कि वह उस परिस्थिति के अंतर्संबंधों और मानसिक संरचना (Schema) को गहराई से समझकर अनुप्रयोग करता है, तो टॉलमैन के दृष्टिकोण से अधिगम के इस प्रकार के उच्च-स्तरीय स्थानांतरण को किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड सी. टॉलमैन (Edward C. Tolman) ने 'प्रतीक-gestalt अधिगम' या 'संज्ञानात्मक मानचित्रण' (Cognitive Map) का सिद्धांत प्रतिपादित किया था। उनके अनुसार, प्राणी केवल उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) के आधार पर नहीं सीखता, बल्कि वातावरण के मानसिक नक्शे (Cognitive Map) बनाता है। जब कोई शिक्षार्थी किसी परिस्थिति के अंतर्संबंधों को समझकर अपने आंतरिक संज्ञानात्मक ढांचे का उपयोग नवीन और भिन्न परिस्थितियों में करता है, तो यह सुप्त या संज्ञानात्मक क्षेत्र आधारित अधिगम स्थानांतरण (Latent / Cognitive Field Transfer) कहलाता है, जहाँ अधिगम का प्रभाव आंतरिक रूप से संगठित होकर प्रकट होता है।
Related Questions
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking), 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'व्यवस्थित समस्या समाधान' की क्षमता के विकास को सबसे सटीक रूप से प्रदर्शित करती है?
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पारिस्थितिकी तंत्र और जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाइट्रोजन चक्र के दौरान, वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) केवल राइजोबियम जैसे सहजीवी जीवाणुओं द्वारा लेग्यूमिनस पौधों की जड़ों में होता है, और इसमें स्वतंत्र रूप से रहने वाले (Free-living) सूक्ष्मजीवों की कोई भूमिका नहीं होती है।
2. फास्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका कोई वायुमंडलीय भंडार नहीं होता है, और यह चक्र मुख्य रूप से चट्टानों के अपक्षय (Weathering) तथा समुद्री तलछट के माध्यम से संचालित होता है।
3. कार्बन चक्र में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने का मुख्य प्राकृतिक तंत्र है, जबकि श्वसन और जीवाश्म ईंधनों का दहन इसे वापस वायुमंडल में मुक्त करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत और अंतरात्मा की स्वायत्तता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC - नैतिक निर्णय लेने और सहानुभूति का प्रसंस्करण), 'इंसुला कॉर्टेक्स' (Insula Cortex - सामाजिक न्याय और निष्पक्षता से जुड़ी संवेदी-संवेगात्मक अनुक्रिया), तथा 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC - नैतिक दुविधाओं के समाधान और संज्ञानात्मक संघर्ष के नियंत्रण) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, कॉर्टिकल नेटवर्क्स के एकीकरण, तथा 'मोरल रीजनिंग प्लास्टिसिटी' के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन और भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रूप से तीन स्पष्ट प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित है: भावर-तराई क्षेत्र, गंगा-यमुना का विशाल मैदान, और दक्षिण का पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र।
2. 'भावर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकरी पट्टी है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और आगे चलकर 'तराई' क्षेत्र में धरातल पर पुनः प्रकट होती हैं।
3. उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड का एक भाग है, जिसकी उत्तरी सीमा यमुना और गंगा नदियाँ निर्धारित करती हैं, और इस क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल मृदा जैसे 'मार', 'परवा', 'मारू' और 'काबर' पाई जाती हैं।
4. उत्तर प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा मैदानी क्षेत्र (गंगा-यमुना का मैदान) द्वारा आच्छादित है, जो अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा से निर्मित है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय दर्शन प्रणालियों, उनके संस्थापकों (प्रणेताओं) और उनके मूलभूत सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर मीमांसा (वेदांत दर्शन) के प्रणेता महर्षि बादरायण हैं, जो यह प्रतिपादित करते हैं कि ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है (ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या) और जीव तथा ब्रह्म में कोई मूलभूत भेद नहीं है।
2. योग दर्शन के प्रणेता महर्षि पतंजलि हैं, जो चित्त की वृत्तियों के निरोध को योग मानते हैं और इसके अंतर्गत अष्टांग योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि) का मार्ग सुझाते हैं।
3. वैशेषिक दर्शन के प्रणेता महर्षि जैमिनी हैं, जो इस ब्रह्मांड की रचना 'अदृष्ट' और कर्मकांडीय यज्ञों की अनिवार्यता के आधार पर समझाते हैं तथा वेदों के कर्मकांड खंड को ही परम सत्य मानते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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