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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'शिक्षण अधिगम की व्यूهरचनाएँ और विधियाँ' के संदर्भ में, एडगर डेल (Edgar Dale) के 'अनुभव का शंकु' (Cone of Experience) मॉडल के अनुसार, अधिगम अनुभवों के पदानुक्रम में सबसे नीचे (शंकु के आधार पर) और सबसे ऊपर (शंकु के शीर्ष पर) क्रमशः निम्नलिखित में से कौन से दो अनुभव रखे गए हैं?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) की दृष्टि से शिक्षण सहायक सामग्री और अधिगम अनुभवों का वर्गीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री एडगर डेल (Edgar Dale) ने 1946 में 'अनुभव का शंकु' (Cone of Experience) मॉडल प्रस्तुत किया था। इस मॉडल के आधार (आधार तल/सबसे नीचे) पर 'प्रत्यक्ष उद्देश्यपूर्ण अनुभव' (Direct Purposeful Experiences) होते हैं जो सबसे मूर्त (Concrete) और वास्तविक होते हैं, जबकि शंकु के सबसे ऊपर (शीर्ष पर) 'मौखिक प्रतीक' (Verbal Symbols) होते हैं जो सबसे अधिक अमूर्त (Abstract) होते हैं। यह शंकु कंक्रीट से एब्सट्रैक्ट (मूर्त से अमूर्त) की ओर शिक्षण सूत्र को स्पष्ट करता है।
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