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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा 1967 में प्रतिपादित त्रि-आयामी सिद्धांत (3D Model of Intellect) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों—विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। गिलफोर्ड के इस संशोधित और विस्तारित मॉडल में इन तीनों आयामों के अंतर्गत उप-श्रेणियों (Sub-divisions) की कुल संख्या क्रमशः कितनी है, जिसके आधार पर कुल 180 प्रकार की बौद्धिक क्षमताओं का निर्माण होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास एवं शिक्षण विधि के अंतर्गत, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) का 'बुद्धि का संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model) अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गिलफोर्ड के अनुसार बुद्धि तीन आयामों का एक घन (Cube) है। उनके इस मॉडल में: 1. संक्रियाएँ (Operations) के 6 प्रकार (स्मृति अंकन, स्मृति धारण, संज्ञान, अभिसारी चिंतन, अपसारी चिंतन, मूल्यांकन), 2. विषय-वस्तु (Contents) के 5 प्रकार (आकृतिक, प्रतीकात्मक, आनुभविक, सांकेतिक, व्यवहारपरक), और 3. उत्पाद (Products) के 6 प्रकार (इकाइयाँ, वर्ग, संबंध, पद्धतियाँ, परिवर्तन, निहितार्थ) शामिल हैं। इन तीनों आयामों को गुणा करने पर (5 × 6 × 6) कुल 180 बौद्धिक क्षमताएँ प्राप्त होती हैं (उनके प्रारंभिक मॉडल में 5 × 5 × 6 = 120 थीं, जिसे बाद में संशोधित करके 180 किया गया)। अतः विकल्प (c) पूर्णतः सही है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को मुख्य रूप से तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है - भावर एवं तराई क्षेत्र, मैदानी भाग (गंगा-यमुना का मैदान), और दक्षिण का पठारी या पर्वतीय क्षेत्र (बुंदेलखंड एवं बघेलखंड का पठार)।
2. राज्य के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जहाँ प्राचीन रवेदार चट्टानों (ग्रेनीज और नाइस) से बॉक्साइट, डायमंड (हीरा), तांबा और चूना पत्थर जैसे प्रमुख खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में चूना पत्थर, कोयला (रोहतास एवं सिंगरौली क्षेत्र), और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले के प्रमुख भंडार पाए जाते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश का खनिज विकास निगम लिमिटेड (UP State Mineral Development Corporation) 1974 में स्थापित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समूह कारक सिद्धांत' (Group Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एल.एल. थर्स्टन (L.L. Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं' (Primary Mental Abilities: जैसे संख्यात्मक, मौखिक, स्थानिक और तार्किक क्षमता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ और दाएँ गोलार्धों के विशिष्ट कॉर्टिकल क्षेत्रों' (Left & Right Hemispheric Cortical Regions - जैसे मौखिक क्षमता के लिए ब्रोका और वर्निक क्षेत्र, तथा स्थानिक क्षमता के लिए पैराइटल लोब), 'फ्रेन्टल और प्रीफ्रंटल एसोशिएटिव कॉर्टेक्स' (Frontal & Prefrontal Associative Cortices - विभिन्न मानसिक समूहों का समन्वय और कार्यकारी नियंत्रण), तथा 'थैलेमस एवं बेसल गैंग्लिया' (Thalamus & Basal Ganglia - संवेदी-पेशीय और संज्ञानात्मक सूचनाओं की रूटिंग) के बीच मॉड्यूलर तंत्रिका नेटवर्क (Modular Neural Networks), डिस्ट्रीब्यूटेड कॉर्टिकल सिंक्रनाइजेशन, और न्यूरोनल सर्किटों की सक्रियण गतिकी, तथा जे.पी. गिलफर्ड के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ग्रुप फैक्टर ऑप्टिमाइज्ड मॉड्यूलर पेडागोजी' (Neuro-Group Factor Optimized Modular Pedagogy) और विद्यार्थियों में विशिष्ट मानसिक योग्यताओं के संतुलन, बहु-आयामी संज्ञानात्मक कौशल व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD - ध्यान न्यूनता अतिसक्रियता विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model of ADHD) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल और वेंट्रोलेटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC / VLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (विशेष रूप से स्ट्रिएटम) और 'सेरेबेलम' के बीच कार्यशील स्मृति, अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), आत्म-विनियमन और मोटर सक्रियण की विसंगति, तथा जॉर्ज स्टिल (George Still) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'फ्रंटल-स्ट्रिएटल सर्किट डिस्फंक्शन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संरचित आत्म-विनियमन शिक्षाशास्त्र (Structured Self-Regulation Pedagogy - जैसे टोकन इकॉनमी और दृश्य अनुसूचियां) और विद्यार्थियों में कक्षा-कक्ष सहभागिता, आवेग नियंत्रण व समग्र कार्यकारी दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'यमुना नदी' उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के पास 'कालिंद्री' नामक स्थान (वास्तव में यमुनोत्री ग्लेशियर) से राज्य में प्रवेश करती है, तथा यह राज्य के कई जिलों से बहते हुए प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है।
2. 'शारदा नदी' (जिसे महाकाली भी कहा जाता है) का उद्गम उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मिलाम ग्लेशियर से होता है, और यह उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के पास प्रवेश करती है।
3. 'गंडक नदी' का उद्गम नेपाल हिमालय से होता है, तथा यह उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों की सीमा के पास प्रवाहित होते हुए आगे चलकर बिहार के सोनपुर में गंगा नदी में मिल जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और भाषा अर्जन के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे का मानना था कि बच्चों में विचार (Thought) का विकास भाषा से पहले होता है और भाषा उनके संज्ञानात्मक विकास का ही एक उत्पाद है, जबकि लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिल जाते हैं।
2. पियाजे ने बच्चों को 'सक्रिय अन्वेषक' (Active Explorers) माना है जो अपने भौतिक पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की ने बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक-सांस्कृतिक अंतःक्रिया, भाषा और 'मोर नॉलेजेबल अदर' (MKO) की भूमिका को सर्वोपरि माना है।
3. पियाजे के अनुसार 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) बच्चों की अपरिपक्वता को दर्शाता है जो किसी अन्य के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ होते हैं, जबकि वाइगोत्स्की इसे 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) कहते हैं जो बच्चों को अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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