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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा 1904 में प्रतिपादित इस सिद्धांत के अनुसार 'जी-कारक' (General Factor - g) और 'एस-कारक' (Specific Factor - s) की निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के द्विकारक सिद्धांत के अनुसार, बौद्धिक क्षमता दो कारकों से मिलकर बनी होती है: 'सामान्य कारक' (g-factor) और 'विशिष्ट कारक' (s-factor)। 'जी-कारक' (g-factor) एक प्रकार की मानसिक ऊर्जा है जो जन्मजात, स्थिर और सार्वभौमिक होती है। यह व्यक्ति के हर बौद्धिक कार्य में मदद करती है। इसके विपरीत, 'एस-कारक' (s-factor) अर्जित होता है जिसे प्रशिक्षण और अभ्यास द्वारा बदला या विकसित किया जा सकता है। अतः विकल्प (a) इस सिद्धांत की सबसे सटीक वैज्ञानिक विशेषता को दर्शाता है।
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उत्तर प्रदेश के लोक-नृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म ऐसा है जो विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र से संबंधित नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड या पूर्वांचल क्षेत्र से संबंधित है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में, राज्य को कुल कितने प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और इनमें से कौन सा क्षेत्र सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, 'भाबर' और 'तराई' क्षेत्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाबर क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे सिंधु से तीस्ता नदी तक फैला हुआ एक संकीर्ण पेटी है, जो मुख्य रूप से कंकड़, पत्थरों और मोटे बालू से निर्मित होने के कारण अत्यधिक पारगम्य होता है, जिसके फलस्वरूप यहाँ नियाँ विलुप्त होकर भूमिगत हो जाती हैं।
2. तराई क्षेत्र भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम, दलदली और घने जंगलों वाला क्षेत्र है, जहाँ भूमिगत हुई नियाँ धरातल पर पुनः प्रकट हो जाती हैं और यहाँ की मृदा महीन कणों (सिल्क और क्ले) से युक्त होती है।
3. तराई क्षेत्र में अत्यधिक नमी और उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के कारण चावल और गन्ने की कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है, और वर्तमान में इस क्षेत्र के बड़े हिस्से को कृषि योग्य भूमि में परिवर्तित किया जा चुका है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजनों, खनिज संपदा और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पाए जाने वाले 'कोयला' भंडार गोंडवाना क्रम की चट्टानों से संबंधित हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से अनपरा, ओबरा और रेणुकूट के तापीय विद्युत गृहों में ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश के प्रमुख यूरेनियम (Uranium) भंडारों में से एक की खोज की गई है, और यह जिला तांबा, रॉक फॉस्फेट तथा डायस्पोर जैसे खनिजों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है।
3. राज्य में भू-तत्वीय सर्वेक्षण के अनुसार कांच बालू (Silica Sand) का सबसे अधिक भंडार यमुना और गंगा नदियों के कछार में पाया जाता है, जिसके कारण कांच उद्योग मुख्य रूप से प्रयागराज, फिरोजाबाद और चित्रकूट जिलों में केंद्रित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम वक्रीकरण' (Learning Curves) के संदर्भ में, जब सीखने की प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में अधिगम की गति अत्यंत तीव्र होती है और जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ता है, अधिगम की दर मंद पड़ती जाती है, तो इस प्रकार के उत्तल वक्र (Convex Curve) या 'धनात्मक वृद्धि वक्र' (Positive Acceleration Curve) के विपरीत 'ऋणात्मक वृद्धि वक्र' (Negative Acceleration Curve) के वैज्ञानिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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