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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और संज्ञान' (Metacognition and Learning Strategies) के संदर्भ में, फ्रांसीसी दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा 1970 के दशक में प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निटिव ज्ञान' (Metacognitive Knowledge) और 'मेटाकॉग्निटिव विनियमन' (Metacognitive Regulation) की अवधारणाओं के बीच के अंतर तथा कक्षा-कक्ष शिक्षण में इनके वैज्ञानिक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से 'मेटाकॉग्निटिव' (अधिज्ञानात्मक) संकल्पना बहुत महत्वपूर्ण है। जॉन फ्लेवेल के अनुसार, मेटाकॉग्निशन का अर्थ 'ज्ञान के बारे में ज्ञान' या 'चिंतन के बारे में चिंतन' है। इसे मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है: 1. मेटाकॉग्निटिव ज्ञान (Metacognitive Knowledge): इसके अंतर्गत व्यक्ति को यह जानकारी होती है कि उसका अपना मस्तिष्क कैसे सीखता है, जिसमें व्यक्ति चर (Person variables), कार्य चर (Task variables), और रणनीति चर (Strategy variables) शामिल हैं। 2. मेटाकॉग्निटिव विनियमन (Metacognitive Regulation): यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा छात्र अपने सीखने की योजना बनाते हैं (Planning), अपनी समझ की निगरानी करते हैं (Monitoring), और अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं (Evaluating)। विकल्प 'b' इस वैज्ञानिक अंतर को पूर्णतः स्पष्ट करता है।
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