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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) की अंतिम अवस्था—'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—के वैज्ञानिक स्वरूप और उसकी मुख्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की छठी और अंतिम अवस्था 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) है। इस अवस्था में व्यक्ति बाहरी सामाजिक कानूनों या दंड-पुरस्कार से परे जाकर अपने स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों, न्याय, समानता और मानवाधिकारों के आधार पर निर्णय लेता है। यदि कोई सामाजिक कानून मानवता या न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है, तो इस अवस्था का व्यक्ति अंतरात्मा की आवाज पर उस कानून का विरोध करने का नैतिक साहस रखता है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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