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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Learning) के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पास्काफोल्डिंग' (Scaffolding) की अवधारणा के वैज्ञानिक स्वरूप एवं इसके शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतर को संदर्भित करता है जो किसी बच्चे द्वारा स्वतंत्र रूप से समस्या हल करने (वास्तविक विकास स्तर) और किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन या सहयोग से समस्या हल करने (संभावित विकास स्तर) के बीच होता है। 'स्कैफोल्डिंग' (मचान) वह अस्थायी समर्थन या सहायता है जो एक शिक्षक या अधिक ज्ञानी व्यक्ति द्वारा सीखने वाले को प्रदान किया जाता है। जैसे-जैसे शिक्षार्थी स्वतंत्र रूप से कार्य करने में महारत हासिल करता जाता है, इस समर्थन को धीरे-धीरे हटा (fade out) लिया जाता है। विकल्प (c) इस अवधारणा की वैज्ञानिक और शैक्षणिक रूप से सबसे सटीक व्याख्या करता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं, खनिज संपदा और औद्योगिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश का प्रमुख यूरेनियम भंडार पाया जाता है, तथा इसी जिले में 'रोहिणी' और 'जामिनी' जैसी नदियाँ बहती हैं जो बेतवा नदी की सहायक नदियाँ हैं।
2. उत्तर प्रदेश में 'ओबरा' तापीय विद्युत परियोजना सोनभद्र जिले में स्थित है, जिसे रूस के सहयोग से स्थापित किया गया था और यह रिहंद जलविद्युत परियोजना के निकट स्थित है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में कांच बालू (Glass Sand) के उत्पादन में बांदा और इलाहाबाद (प्रयागराज) जिले अग्रणी हैं, जबकि 'चूना पत्थर' का मुख्य उत्पादन सोनभद्र के कजराहट और गुरमा क्षेत्रों से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण में 'मौन पठन' (Silent Reading) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और तार्किक है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) और प्रमुख फसल पैटर्नों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को योजना आयोग द्वारा कृषि जलवायु के आधार पर कुल 9 प्रमुख जोनों (Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार की मृदा और वर्षा की मात्रा के अनुसार फसलें उगाई जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से बलुई-दोमट (Sandy Loam) और जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की सघन खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
3. बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख मृदाओं में 'मार' और 'भाट' मृदा शामिल हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ और जल धारण क्षमता से युक्त होती हैं, तथा जिनमें धान की खेती सबसे प्रमुख रूप से की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध-वैदिक कालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में उच्च शिक्षा के केंद्र 'विहार' और 'संघ' होते थे, जहाँ शिक्षा प्राप्त करने वाले भिक्षुओं को 'सामणेर' कहा जाता था, तथा नालंदा, वल्लभी और विक्रमशिला जैसे महाविहार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के प्रसिद्ध केंद्र थे जहाँ प्रवेश के लिए कठोर द्वार-पंडित (Gatekeeper Scholars) मौखिक परीक्षा लेते थे।
2. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली में गुरुकुल आधारित शिक्षा में 'ब्रह्मचर्य आश्रम' का पालन करना अनिवार्य था, और यहाँ छात्रों के चरित्र निर्माण, आत्म-संयम तथा आध्यात्मिक चेतना के विकास पर बल दिया जाता था, जहाँ शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से संस्कृत भाषा थी।
3. मध्यकालीन मुस्लिम शिक्षा प्रणाली में प्राथमिक शिक्षा के लिए 'मक्तब' (Maktab) और उच्च शिक्षा के लिए 'मदरसा' (Madarsa) की व्यवस्था थी, तथा मक्तब में केवल धार्मिक शिक्षा दी जाती थी और किसी भी प्रकार की पठन-पाठन या लेखन की व्यावहारिक शिक्षा का पूर्ण अभाव था, क्योंकि राज्य का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने से उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता आ जाती है, जिससे वे किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही आयाम के बजाय एक साथ कई दृष्टियों से देखने में सक्षम होते हैं।
3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) लगभग 11-12 वर्ष की आयु से प्रारंभ होती है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने की योग्यता अर्जित कर लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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