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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि परीक्षण और मापन' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) और थियोडोर साइमन द्वारा विकसित प्रथम बुद्धि परीक्षण (Binet-Simon Intelligence Scale) तथा विलियम स्टर्न (William Stern) और लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि लब्धि' (Intelligence Quotient - IQ) की संकल्पना के गणितीय और मनोवैज्ञानिक आधार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

वर्ष 1905 में अल्फ्रेड बिने और थियोडोर साइमन ने पहला व्यावहारिक बुद्धि परीक्षण तैयार किया था। इसके पश्चात, जर्मन मनोवैज्ञानिक विलियम स्टर्न ने 1912 में 'मानसिक आयु' (Mental Age - MA) और 'वास्तविक या कालानुक्रमिक आयु' (Chronological Age - CA) के अनुपात के रूप में बुद्धि लब्धि (IQ) की अवधारणा दी। बाद में अमेरिकी मनोवैज्ञानिक लुई टरमन ने स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण (1916) में इस मान को दशमलव से बचाने के लिए 100 से गुणा करके आधुनिक सूत्र (IQ = MA/CA × 100) को पूर्ण रूप से स्थापित किया। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य एवं वैज्ञानिक दृष्टि से सटीक है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, गणित शिक्षण के मुख्य उद्देश्यों और 'गणित के समाजीकरण' (Socialization of Mathematics) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NCF 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का मुख्य लक्ष्य केवल 'गणितीय ज्ञान का उपार्जन' करना और गणनात्मक कौशल (Computational Skills) विकसित करना है, न कि बच्चों की सोच का गणितीयकरण (Mathematicalization of Thought) करना। 2. 'गणित का समाजीकरण' यह रेखांकित करता है कि गणित को एक संकीर्ण दृष्टिकोण से ऊपर उठकर विद्यालय के पाठ्यक्रम का एक ऐसा साधन बनना चाहिए जो बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता, तार्किक विवेचन और सामाजिक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करे। 3. NCF 2005 इस बात की वकालत करता है कि गणित की पाठ्यचर्या बच्चों की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी होनी चाहिए ताकि अमूर्त अवधारणाओं को उनके दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़कर पढ़ाया जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में, 'बुंदेलखंड' सांस्कृतिक क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित में से कौन-कौन से जिले पूर्णतः या आंशिक रूप से सम्मिलित हैं तथा इस क्षेत्र की प्रमुख लोक-चित्रकला शैली कौन सी है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व मापन' (Personality Assessment) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन रोर्शाक (Hermann Rorschach) द्वारा 1921 में विकसित 'रोर्शाक स्याही धब्बा परीक्षण' (Rorschach Inkblot Test) के मूल्यांकन के दौरान, किसी परीक्षार्थी द्वारा कार्ड्स पर बने आकृतियों में 'पूरे धब्बे' के बजाय 'छोटे विशिष्ट भागों' (Small Details) या सूक्ष्म तत्वों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करने की प्रवृत्ति मनोवैज्ञानिक रूप से निम्नलिखित में से किस मुख्य विशेषता या संकेतक को दर्शाती है? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार बुद्धि कोई एक एकीकृत इकाई नहीं है, बल्कि स्वतंत्र प्रकार की बुद्धियों का एक समुच्चय है, जिसमें 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति ताल, लय और ध्वनियों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जबकि 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) वाले व्यक्ति सूक्ष्म जीवों, वनस्पतियों और प्राकृतिक परिवेश की विशेषताओं को पहचानकर उनमें अंतर करने की क्षमता रखते हैं। 2. स्टर्नबर्ग के त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence) वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्व अनुभवों को नई समस्याओं को हल करने में लगाता है और अमूर्त चिंतन तथा तार्किक विश्लेषण करता है। 3. स्टर्नबर्ग के सिद्धांत के अनुसार 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence) को अक्सर 'व्यावहारिक ज्ञान' या 'स्ट्रीट स्मार्टनेस' (Street Smarts) कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने पर्यावरण या परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेता है (Adaptation), आवश्यकतानुसार पर्यावरण में बदलाव करता है (Shaping), या उस पर्यावरण का चयन करता है जहाँ वह सफल हो सके (Selection)। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? बच्चों के भाषा विकास, विचार और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के बीच के मौलिक अंतरों और समानताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीन पियाजे के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो उम्र बढ़ने के साथ लुप्त हो जाता है। इसके विपरीत, लेव वाइगोत्स्की का मानना था कि भाषा शुरुआत से ही सामाजिक होती है और 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है। 2. पियाजे के अनुसार 'विचार' (Thought) भाषा से पहले विकसित होते हैं और बच्चे अपने भौतिक पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) करके ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार जीवन के शुरुआती वर्षों में अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं और लगभग दो वर्ष की आयु के बाद आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं। 3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में 'अधिक ज्ञानवान अन्य' (MKO) और 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) की अवधारणा के माध्यम से संस्कृति और सामाजिक अंतःक्रिया को केंद्रीय स्थान दिया है, जबकि पियाजे ने बच्चों के विकास को सांस्कृतिक संदर्भों से पूरी तरह स्वतंत्र और सार्वभौमिक चरणों (Stages of Cognitive Development) में विभाजित माना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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