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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरणों' (Four Stages of Creative Thought)—क्रमशः 'तैयारी' (Preparation), 'उद्भव या ऊष्मायन' (Incubation), 'प्रदीप्ति या अंतर्दृष्टि' (Illumination), और 'सत्यापन या सत्यापन और अनुप्रयोग' (Verification)—के वैज्ञानिक स्वरूप और उनके मानसिक प्रक्रमों के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: ग्राहम वालेस (Graham Wallas) ने 1926 में अपनी पुस्तक 'The Art of Thought' में सृजनात्मक चिंतन के चार प्रमुख चरणों का प्रतिपादन किया था। 1. तैयारी (Preparation): समस्या को समझना और डेटा एकत्र करना। 2. उद्भव या ऊष्मायन (Incubation): यह एक अचेतन (Unconscious) मानसिक प्रक्रिया है जहाँ व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से समस्या पर काम नहीं कर रहा होता, लेकिन मस्तिष्क पृष्ठभूमि में उस पर विचार कर रहा होता है। 3. प्रदीप्ति (Illumination): इसमें अचानक समाधान या नया विचार सामने आता है, जिसे 'Aha! Experience' या अंतर्दृष्टि कहते हैं। 4. सत्यापन (Verification): इस अंतिम चरण में नए विचार या समाधान की व्यावहारिकता और प्रभावशीलता की जाँच की जाती है। अतः विकल्प (b) पूर्णतः सत्य एवं वैज्ञानिक है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलों और उनके भौगोलिक अवस्थिति (जनपदों) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. बखीरा झील - संत कबीर नगर
2. राजा का बन्दूक (राजा का ताल) झील - सुल्तानपुर
3. सुरहा ताल झील - बलिया
4. चित्तौरा झील - बहराइच
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage: जन्म से लगभग 2 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में शिशु अपनी ज्ञानेंद्रियों (Senses) और शारीरिक गतिविधियों (Motor Actions) के माध्यम से संसार का अन्वेषण करता है और वस्तुओं को केवल प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करता है।
2. इस चरण की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का विकास है, जिसके तहत बालक यह समझने लगता है कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे उसकी दृष्टि से ओझल हो जाती हैं।
3. इस अवस्था के दौरान बालक में 'प्रतीकात्मक चिंतन' (Symbolic Thought) और भाषा के प्रयोग की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह अपने विचारों को शब्दों और संकेतों के माध्यम से व्यक्त करने में सक्षम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के मनोवैज्ञानिक और संरचनात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोविश्लेषण सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत 'इड' (Id - आनंद सिद्धांत पर आधारित अचेतन मन), 'इगो' (Ego - वास्तविकता सिद्धांत पर आधारित मध्यस्थ मन), और 'सुपरइगो' (Super-ego - नैतिक आदर्शवादी मन) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' (Analytical Psychology) के अंतर्गत 'व्यक्तिगत अचेतन' (Personal Unconscious) और 'सामूहिक अचेतन' (Collective Unconscious) में निहित 'मूलरूपों' (Archetypes जैसे परसोना, एनिमा/एनिमस और शैडो) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation) और विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता व नैतिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता हासिल कर लेता है, जिसके कारण वह किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक साथ कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
3. इस चरण के दौरान बालक 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है, जो इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था की मुख्य पहचान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध लोक नृत्यों और उनसे संबंधित क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. धीवर नृत्य - यह नृत्य मुख्य रूप से पूर्वांचल क्षेत्र में कहार जाति के लोगों द्वारा शुभ अवसरों (जैसे विवाह या मुंडन) पर कहारिन वेशभूषा धारण करके या जल से भरा कलश सिर पर रखकर किया जाता है।
2. पाई-डंडा नृत्य - यह बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जो गुजरात के 'गरबा' नृत्य के समान लाठियों या डंडों को आपस में टकराकर वीर रस की धुनों पर अहीर और बरार समुदाय के पुरुषों द्वारा किया जाता है।
3. राई नृत्य - यह बुंदेलखंड क्षेत्र की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक मयूर शैली का नृत्य है, जिसे विशेष रूप से श्री कृष्ण जन्माष्टमी और भुजरिया उत्सव के अवसर पर मयूर के पंखों की पोशाक पहनकर प्रस्तुत किया जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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