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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत' (Theories of Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत 'न्यूनता संबंधी आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs - D-needs) और 'विकास संबंधी आवश्यकताएँ' (Growth Needs - B-needs) के वैज्ञानिक स्वरूप, उनके अनुक्रमिक पदानुक्रम तथा कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के मानवतावादी दृष्टिकोण के साथ उनके अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत के अनुसार, प्रेरणा दो श्रेणियों में विभाजित होती है: न्यूनता आवश्यकताएँ (Deficiency Needs या D-needs) जो भोजन, सुरक्षा और अपनेपन जैसी कमियों को पूरा करती हैं और पदानुक्रम में नीचे होती हैं; तथा वृद्धि आवश्यकताएँ (Growth Needs या B-needs) जैसे आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) जो व्यक्ति की आंतरिक क्षमता के विकास से संबंधित होती हैं और शीर्ष पर स्थित होती हैं। D-needs की संतुष्टि कमी से प्रेरित होती है, जबकि B-needs व्यक्तिगत विकास से प्रेरित होती हैं।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बच्चे संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification) और उत्क्रमणीयता (Reversibility) जैसी तार्किक योग्यताओं को विकसित कर लेते हैं, लेकिन उनका चिंतन केवल उन्हीं वस्तुओं और परिस्थितियों तक सीमित रहता है जो प्रत्यक्ष रूप से उनके सामने मौजूद होती हैं। 2. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता पूरी तरह से विकसित हो चुकी होती है, जिसके कारण वे किसी वस्तु के आकार या आयतन में परिवर्तन होने पर भी उसके मूल परिमाण को स्थिर समझ लेते हैं। 3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में किशोरों का चिंतन अमूर्त (Abstract) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक (Hypothetico-deductive reasoning) हो जाता है, जिससे वे वैज्ञानिक समस्याओं का समाधान करने और संभावित परिणामों का विश्लेषण करने में सक्षम हो जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनके स्तरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) के दूसरे चरण यानी 'व्यक्तिवाद और विनिमय' (Individualism and Exchange) के अंतर्गत बालक का नैतिक तर्क मुख्य रूप से पुरस्कार प्राप्त करने और दंड से बचने की व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर आधारित होता है, जिसे 'जैसी करनी वैसी भरनी' की भावना भी कहते हैं। 2. 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Interpersonal Relationships) अभिविन्यास में व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य दूसरों की नज़रों में aprobación (स्वीकृति) प्राप्त करना और सामाजिक रूप से स्वीकृत अच्छे व्यवहार का प्रदर्शन करना होता है। 3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) के अंतिम और उच्चतम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) में व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों की परवाह किए बिना अपने स्वयं के विवेक और न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है, भले ही वे कानून समाज के नियमों के विरुद्ध क्यों न हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस शिक्षण रणनीति को प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक साक्षरता और पर्यावरण के प्रति समझ विकसित करने के लिए सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक और त्रिकारक सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory: सामान्य कारक 'g' और विशिष्ट कारक 's') के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल डिस्ट्रीब्यूटेड नेटवर्क' (Frontoparietal Distributed Network), 'ग्लोबल वर्कस्पेस' (Global Workspace) और 'लैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच सामान्य संज्ञानात्मक दक्षता, मानसिक ऊर्जा के वितरण और विशिष्ट डोमेन प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल बुद्धि (Fluid Intelligence - Gf) और ठोस बुद्धि (Crystallized Intelligence - Gc)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Cognitively Challenging Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक समस्या-समाधान, संचयी ज्ञानार्जन व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और 'सौंदर्यपरक आवश्यकताओं' (Aesthetic Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'इंसुला' (Insula) और 'मेolimbic डोपापिनर्जिक पाथवे' (Mesolimbic Dopaminergic Pathway) के बीच आंतरिक प्रेरणा, मूल्य निर्धारण और संतुष्टि की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता, और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मानवतावादी शिक्षाशास्त्र (Humanistic Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा, भावनात्मक कल्याण व समग्र व्यक्तिगत विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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