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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांतों' (Theories of Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत वर्णित पाँच मूल आवश्यकताओं—'शारीरिक आवश्यकताएँ' (Physiological Needs), 'सुरक्षा आवश्यकताएँ' (Safety Needs), 'संबंध और अपनेपन की आवश्यकताएँ' (Belongingness and Love Needs), 'सम्मान की आवश्यकताएँ' (Esteem Needs), और 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकताएँ' (Self-Actualization Needs) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड मैक्लाइंटॉक मैक्वेलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Three Needs Theory) के अंतर्गत 'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबद्धता की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्राहम मैस्लो का 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' यह बताता है कि मानवीय आवश्यकताएँ एक निश्चित क्रम (पदानुक्रम) में व्यवस्थित होती हैं, जहाँ सबसे पहले बुनियादी शारीरिक और सुरक्षा आवश्यकताएँ पूरी होती हैं, उसके बाद ही व्यक्ति प्रेम, सम्मान और अंततः 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की ओर बढ़ता है। दूसरी ओर, डेविड मैक्वेलैंड का 'थ्री नीड्स थ्योरी' (Three Needs Theory) विशेष रूप से तीन सामाजिक-मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं—उपलब्धि (nAch), संबद्धता (nAff), और सत्ता (nPow)—पर केंद्रित है जो मैस्लो के पदानुक्रम के मध्य और उच्च स्तर (सामाजिक, सम्मान और आत्म-प्राप्ति) के साथ गहराई से जुड़ी हुई हैं। अतः विकल्प (b) इन दोनों सिद्धांतों के वैज्ञानिक और पारस्परिक अंतर्संबंधों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) के अंतर्गत, सैम्युअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा सर्वप्रथम प्रयुक्त इस शब्द के संदर्भ में, यदि कोई बालक गणितीय गणनाओं को समझने, संख्याओं को पहचानने और गणितीय संकेतों का सही उपयोग करने में असमर्थता प्रदर्शित करता है, तो इस विशिष्ट अधिगम विकार को निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक कालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को उनकी अध्ययन अवधि के आधार पर तीन श्रेणियों - 'विद्यार्थी', 'स्नातक' और 'वसु' में विभाजित किया जाता था, तथा इस काल में महिलाओं को उपनयन संस्कार का अधिकार था और उन्हें 'ब्रह्मवादिनी' या 'सद्योवधू' के रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता थी।
2. गुरुकुल में शिक्षा की समाप्ति पर छात्र के घर लौटने से पूर्व 'समावर्तन संस्कार' का आयोजन किया जाता था, जिसके संपन्न होने के बाद छात्र को 'स्नातक' कहा जाता था और वह समाज में प्रवेश करने के लिए योग्य माना जाता था।
3. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल भौतिक संपदा और व्यावसायिक कौशल अर्जित करना था, और इसमें नैतिक तथा आध्यात्मिक विकास को कोई विशेष स्थान नहीं दिया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा प्रकार, वर्षा की मात्रा और तापमान की भिन्नताओं को दर्शाते हैं।
2. राज्य के 'पूर्वी मैदान' (Eastern Plain Zone) क्षेत्र में धान और गेहूं की प्रधानता है, लेकिन यहाँ की मुख्य समस्या मिट्टी में क्षारीयता (Alkalinity) और जलभराव की है, जबकि 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में सिंचित साधनों की कमी और मृदा अपरदन प्रमुख कृषि संबंधी चुनौतियाँ हैं।
3. उत्तर प्रदेश के 'भाबर और तराई' क्षेत्र में पायी जाने वाली मटियाियार और नम मिट्टी गन्ने, धान और उच्च आर्द्रता चाहने वाली फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है, और इस क्षेत्र में राज्य के अन्य मैदानी भागों की तुलना में औसत वार्षिक वर्षा कम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का संपूर्ण मैदानी क्षेत्र (गंगा-यमुना का मैदान) मूल रूप से एक गहरी भू-अभिनति (Geosyncline) या खाड़ी के रूप में था, जिसे हिमालय से निकलने वाली नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ अवसादों (Alluvial Sediments) के लगातार निक्षेपण से भरा गया है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र) की चट्टानें आर्कियन युग की नाइस, ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थरों से निर्मित हैं, जो प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरward विस्तार को दर्शाती हैं।
3. उत्तर प्रदेश की जलवायु उपोष्ण कटिबंधीय मानसूनी (Subtropical Monsoon) है, जिसमें राज्य के उत्तर-पश्चिमी भागों की तुलना में पूर्वी भागों में औसत वार्षिक वर्षा अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी की मानसूनी शाखा का पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए नमी में कमी आना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संसाधनों, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और विद्युत उत्पादन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी जलविद्युत परियोजना 'माताटीला जलविद्युत परियोजना' है, जो बेतवा नदी पर ललितपुर जिले में स्थित है।
2. 'रिहंद बांध परियोजना' (गोविन्द बल्लभ पंत सागर) सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर बनाई गई है, जो उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है और इसके जलाशय से तापीय विद्युत गृहों को भी जल आपूर्ति की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में विद्युत नियामक आयोग की स्थापना वर्ष 1998 में की गई थी तथा उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) का गठन वर्ष 2000 में बिजली सुधारों के तहत हुआ था।
4. उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र 'नरोरा परमाणु विद्युत गृह' बुलंदशहर जिले में स्थित है, जिसकी पहली इकाई ने वर्ष 1989 में और दूसरी इकाई ने वर्ष 1991 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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