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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियों' के संदर्भ में, ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Four Stages of Creative Thinking)—अर्थात 'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/अद्भुत काल' (Incubation), 'प्रदीप्ति/झलक' (Illumination), और 'सत्यापन/मूल्यांकन' (Verification)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा एलेक्स एफ. ओसबर्न (Alex F. Osborn) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि-मंथन विधि' (Brainstorming Method) के मौलिक नियमों—जैसे आलोचना पर प्रतिबंध, मात्रा से अधिक गुणवत्ता या विचारों की अनियंत्रित बाढ़, तथा विचारों का संयोजन और सुधार—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ग्राहम वालेस (1926) द्वारा प्रतिपादित सृजनात्मक चिंतन के चार चरणों में 'तैयारी', 'उद्भावन' (Incubation), 'प्रदीप्ति' (Illumination) और 'सत्यापन' (Verification) शामिल हैं। उद्भावन चरण वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति समस्या के बारे में चेतन रूप से सोचना बंद कर देता है, लेकिन उसका अचेतन मन (Unconscious Mind) उस पर कार्य करता रहता है। एलेक्स ओसबर्न की 'बुद्धि-मंथन' (Brainstorming) तकनीक में 'आलोचना पर प्रतिबंध' (Deferment of Judgment) का नियम यह सुनिश्चित करता है कि शुरुआती चरणों में विचारों का मूल्यांकन या आलोचना न हो, जिससे अचेतन स्तर पर चल रहे उद्भावन को सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण मिलता है। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य और वैज्ञानिक है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के संदर्भ में, उनके द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़ बाँधना' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा इसमें दिए गए योगदान, भाषा और चिंतन के विकास में 'आंतरिक वाक' (Inner Speech) और 'सामाजिक वाक' (Social Speech) के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख विशेषताओं और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का पूर्ण मानसिक कौशल विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार या बर्तन बदलने पर भी उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. इस आयु वर्ग के बच्चों की सोच में 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे यह मान लेते हैं कि अन्य व्यक्ति भी दुनिया को उसी दृष्टिकोण से देखते हैं जैसा कि वे स्वयं देख रहे हैं।
3. इस चरण की एक अन्य मुख्य सीमा 'केंद्रीकरण' (Centration) है, जिसमें बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है और उसके एकाधिक पहलुओं को एक साथ मानसिक रूप से समेकित नहीं कर पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और शिक्षा से जुड़े प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल संविधान (1950) में 'शिक्षा' राज्य सूची (State List) का विषय था, जिसके अंतर्गत राज्यों को स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा से संबंधित नीतियां बनाने का पूर्ण अधिकार प्राप्त था।
2. वर्ष 1976 में किए गए 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'शिक्षा' विषय को राज्य सूची से हटाकर 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को इस पर कानून बनाने की शक्ति मिल गई।
3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान में अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने को एक मौलिक अधिकार बना दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास और जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC) और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification) और उत्क्रमणीयता (Reversibility) की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक प्रतिनिधित्व के तीन तरीकों' (Enactive, Iconic, and Symbolic Representations) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, गतिविधि-आधारित शिक्षाशास्त्र (Activity-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त अनुभवों से अमूर्त चिंतन की ओर संक्रमण, तार्किक संक्रियाओं व समस्या-समाधान कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि और उसका मापन (Intelligence and its Measurement)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतravyaktigat और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विभिन्न корटिकल क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र', 'पैरिएटल लोब', 'ऑक्सीपिटल लोब', 'सेरिबैलम और मोटर कॉर्टेक्स', 'टेम्पोरल लोब', और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी, क्रॉस-कॉर्टिकल न्यूरल कनेक्टिविटी और स्वतंत्र प्रसंस्करण प्रणालियों की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रistarchic बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के सम्मान, बहु-आयामी क्षमताओं के दोहन व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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