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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'प्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत पाँच मूल स्तरों—'दैहिक आवश्यकताएँ' (Physiological Needs), 'सुरक्षा आवश्यकताएँ' (Safety Needs), 'संबंध और अपनेपन की आवश्यकताएँ' (Love and Belongingness Needs), 'सम्मान आवश्यकताएँ' (Esteem Needs), और 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकताएँ' (Self-Actualization Needs)—के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड मैक्लीलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Need Theory / Three Needs Theory) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख अभिप्रेरकों—'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबद्धता की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों और उनके शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) का 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' यह स्पष्ट करता है कि मानवीय आवश्यकताएँ एक निश्चित क्रम (नीचे से ऊपर) में व्यवस्थित होती हैं, जहाँ प्राथमिक जैविक आवश्यकताओं के संतुष्ट होने पर ही व्यक्ति उच्चतर मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं जैसे 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की ओर अग्रसर होता है। इसके विपरीत, डेविड मैक्लीलैंड (David McClelland) का 'थ्री नीड्स थ्योरी' (Three Needs Theory) विशिष्ट सामाजिक-मनोवैज्ञानिक अभिप्रेरकों—उपलब्धि (nAch), संबद्धता (nAff), और सत्ता (nPow)—पर केंद्रित है, जो कार्यस्थल, शैक्षणिक वातावरण और नेतृत्व शैलियों में व्यक्तियों के व्यवहार को गहराई से निर्देशित करते हैं। अतः विकल्प (b) इन दोनों सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंध और शैक्षिक निहितार्थों का सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक वर्णन करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (Stages of Moral Development) के अंतर्गत तीन मुख्य स्तरों—'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level), 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level), और 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level)—के अंतर्गत वर्णित छह अवस्थाओं के न्यूरो-कॉग्निटिव और नैतिक तार्किकता स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रतिपादित 'देखभाल का नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के अंतर्गत नारीवादी परिप्रेक्ष्य में 'स्वयं की देखभाल', 'दूसरों के प्रति जिम्मेदारी' और 'नैतिक तार्किकता के अंतर्संबंधों' के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके समावेशी कक्षा-कक्ष मूल्य शिक्षा में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और संज्ञानात्मक अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-conventional Morality Level) के विशिष्ट चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत'—के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' तथा 'इंसुला' (Insula) की सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल का नैतिकता दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के अंतर्गत 'स्वयं केंद्रितता से सार्वभौमिक उत्तरदायित्व तक' के चरणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, नैतिक दुविधाओं (Moral Dilemmas) के समाधान और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक न्यायसंगत व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'दक्षिण का पठारी क्षेत्र' (Southern Plateau Region) और उसके ढाल, प्रमुख चट्टानों तथा नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत बुंदेलखंड और बघेलखंड के पठारी भाग आते हैं, और यह क्षेत्र प्राचीन प्री-कैंब्रियन कल्प की नीस (Gneiss) एवं ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है। 2. इस पठारी क्षेत्र की सामान्य ढाल दक्षिण से उत्तर की ओर है, यही कारण है कि इस क्षेत्र की अधिकांश नदियाँ (जैसे चंबल, बेतवा, केन और सोन) दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा से निकलकर उत्तर की ओर प्रवाहित होते हुए गंगा या यमुना नदी में मिलती हैं। 3. विंध्य पर्वतीय श्रेणी से लगे होने के कारण इस क्षेत्र में बालुका पत्थर (Sandstone), चूना पत्थर (Limestone) और डायमंड (हीरा) जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि यहाँ की मुख्य फसल धान और जूट है क्योंकि यहाँ जलोढ़ मिट्टी की अत्यधिक मोटाई पाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन, सम्मान और आत्म-सिद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हाइपोथैलेमस' (Hypothalamus), 'एपिडर्मल लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक नियमन, भावनात्मक सुरक्षा एकीकरण, और उच्च-स्तरीय लक्ष्य-निर्देशित अभिप्रेरणा की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्धारण सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक कल्याण व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश की मृदाओं और कृषि जलवायु प्रदेशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) के आधार पर कुल 9 प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक और वर्षा संबंधी विविधताओं को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएं अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं। 3. राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में पाई जाने वाली 'भूर' मृदा मूल रूप से कैल्सियम कार्बोनेट के कणों (कंकड़) से युक्त एक अत्यंत उपजाऊ दोमट मिट्टी है, जो धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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