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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख स्तरों (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक) और उनके छह चरणों—विशेष रूप से 'आज्ञापालन और दंड अभिविन्यास', 'व्यक्तिगत पुरस्कार/सापेक्षवादी अभिविन्यास', 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास', 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास', 'सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास', और 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास'—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के सिद्धांत—जिसमें न्याय के दृष्टिकोण के स्थान पर सहानुभूति, संबंधों और उत्तरदायित्व के आयाम को प्राथमिकता दी जाती है—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षा और नैतिक दुविधा (Moral Dilemma) आधारित शिक्षण रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास के संज्ञानात्मक विकासात्मक सिद्धांत को प्रतिपादित किया, जिसमें न्याय (Justice) और तर्क के आधार पर छह चरणों की रूपरेखा दी गई। दूसरी ओर, उनकी पूर्व छात्रा और मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन ने 'इन अ डिफरेंट वॉइस' (In a Different Voice) में यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग का प्रतिदर्श मुख्य रूप से पुरुषों पर आधारित था, जिससे महिलाओं के 'देखभाल, परानुभूति और संबंधों' (Care and Relationships) पर आधारित नैतिक दृष्टिकोण की उपेक्षा हुई। इसलिए, गिलिगन ने 'देखभाल की नैतिकता' का सिद्धांत दिया। आधुनिक शिक्षा और UPTET के दृष्टिकोण से, ये दोनों सिद्धांत एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं, जो शिक्षकों को बालकों में न्यायपरक और संवेदनशील दोनों प्रकार के नैतिक निर्णयों को विकसित करने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और मूल्य शिक्षा (Moral Development and Value Education)' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (Stages of Moral Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'एपिग्डाला' (Amygdala) के बीच नैतिक दुविधा प्रसंस्करण, तदानुभूतिपूर्ण अनुक्रिया (Empathetic Responding) और सामाजिक-संज्ञानात्मक निर्णय लेने की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल के नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षाशास्त्र (Value-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्याय, परोपकार, संवेगात्मक संतुलन व नैतिक तर्कशक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नकिड (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी, न्यूरल पाथवे रीशेपिंग, और पूर्व-अधिगम ज्ञान के संदर्भ में नए परिवेश में कौशल हस्तांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में वैचारिक अमूर्तन (Conceptual Abstraction), समस्या-समाधान अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और फसल वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (Western Plain Zone) में मुख्य रूप से दोआब प्रकार की उपजाऊ जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की गहन कृषि के लिए अत्यधिक अनुकूल है। 2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' मृदा चिकनी मिट्टी (Clay) की अधिकता वाली होती है, जो सूखने पर अत्यधिक कठोर और गीली होने पर बहुत चिपचिपी हो जाती है, जिससे इसमें जुताई करना काफी कठिन होता है। 3. राज्य के पूर्वी मैदानी क्षेत्र में नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की पर्याप्त प्रचुरता पाई जाती है, जिसके कारण इस क्षेत्र में बिना किसी रासायनिक उर्वरक के धान की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम के न्यूरो-जैविक अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'शारीरिक आवश्यकताएं' (Physiological Needs) से लेकर 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) तक के चरणों के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रलग्रुप न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Ventral Striatum / Nucleus Accumbens) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की आंतरिक अभिप्रेरणा और पुरस्कार प्राप्ति की सक्रियण प्रक्रिया, तथा डेविड मैक्लेलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Needs Theory) के अंतर्गत 'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबंध की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण वातावरण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय आंतरिक अभिप्रेरणा के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेष रूप से उत्तर-रूढ़िगत स्तर / Post-conventional Level के अंतर्गत सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'इंसुला' (Insula) के बीच नैतिक दुविधा के समाधान, सहानुभूतिपूर्ण संवेग एकीकरण, और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यकारी निर्णयन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलीगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्यायपरक व संवेगात्मक रूप से संतुलित नैतिक तार्किकता, पारस्परिक सद्भाव व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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