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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समकालीन बहुआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख उप-सिद्धांतों—'घटकाय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'अनुभवी या सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'व्यावहारिक या प्रासंगिक बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा जॉन कैरोल (John Carroll) और रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल और ठोस बुद्धि सिद्धांत' (Fluid and Crystallized Intelligence Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) और विद्यार्थियों में वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने की क्षमताओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' बुद्धि को सूचना प्रक्रमण (Information Processing) के तीन पहलुओं—विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक (अनुभवी) और व्यावहारिक—के रूप में देखता है। वहीं, रेमंड कैटल का 'तरल और ठोस बुद्धि सिद्धांत' जन्मजात तर्क शक्ति (Fluid Intelligence) और सांस्कृतिक रूप से अर्जित ज्ञान/कौशलों (Crystallized Intelligence) के बीच अंतर करता है। स्टर्नबर्ग का विश्लेषणात्मक घटक कैटल के संचित ज्ञान (ठोस बुद्धि) से और अनुभवी घटक नवीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता (तरल बुद्धि) से निकटता से जुड़ा हुआ है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इन सिद्धांतों का समेकित उपयोग शिक्षकों को विविध शिक्षण शैलियों और विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) की योजना बनाने में सहायता करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद 'प्रेम और अपनेपन की आवश्यकता' (Love and Belongingness Needs) तथा 'सम्मान की आवश्यकता' (Esteem Needs) को पार करते हुए सर्वोच्च चरण—अर्थात 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकता' (Self-Actualization)—की ओर अग्रसर होता है, तो मैस्लो के इस सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक ढांचे तथा पंचायती राज व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य में 'क्षेत्र पंचायतों' (Khetriya Panchayats) के प्रमुख (ब्लॉक प्रमुख) का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाता है, जबकि जिला पंचायत के अध्यक्ष का निर्वाचन संबंधित जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में 'नगर निगमों' के महापौर (Mayor) का चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली के माध्यम से सीधे शहर के पंजीकृत मतदाताओं द्वारा किया जाता है, और महापौर नगर निगम की 'कार्रवाई समिति' (Executive Committee) का पदेन अध्यक्ष होता है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल में 'विधान परिषद' (Legislative Council) एक स्थायी सदन है, जिसके सदस्यों की कुल संख्या 100 है, और इसका गठन सर्वप्रथम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के अंतर्गत किया गया था जिसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों (जैसे स्नातक, शिक्षक, स्थानीय निकाय और विधानसभा) के माध्यम से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा, अपनेपन/सम्बद्धता, सम्मान, और आत्म-सिद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), 'वेंट्रलग्रुप न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Ventral Striatum / Nucleus Accumbens), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक विनियमन, डोपामाइन-संचालित पुरस्कार मार्ग (Dopaminergic Reward Pathways), और उच्च-क्रम के आत्म-नियमन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रायन के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivation Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक सुरक्षा व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) से ग्रसित बालकों की पहचान एवं उनके शिक्षण के संदर्भ में, 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) से पीड़ित छात्र की मुख्य विशेषता और उसके निवारण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शैक्षणिक रणनीति निम्नलिखित में से कौन सी है?
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समावेशी शिक्षा के तहत किस प्रकार के बालकों को शामिल किया जाता है?
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