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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा विकसित 'ब्रेल लिपि' (Braille System) के छह-बिंदु कोड मैट्रिक्स (Six-dot Cell Matrix) की स्पर्शनीय न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और दृश्यबाधित विद्यार्थियों में स्पर्श संवेदन के माध्यम से मस्तिष्क के दृश्यक (Visual Cortex) के पुनरुपयोग (Cross-modal Plasticity) की प्रक्रिया, तथा सैम बार्नेट (Sam Barnett) और अन्य द्वारा विश्लेषित 'दृष्टिहीनता और श्रवणबाधित बालकों के समावेशन में सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों (अर्थात् बहुविध प्रस्तुति, बहुविध अभिव्यक्ति, और बहुविध जुड़ाव) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ अधिगम वातावरण के निर्माण और विद्यार्थियों में स्वायत्त ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में दृश्यबाधित विद्यार्थियों के लिए ब्रेल लिपि के छह-बिंदु सेल मैट्रिक्स की न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली (विशेषकर क्रॉस-मोडल प्लास्टिसिटी जिसके तहत स्पर्श संवेदना दृश्य कॉर्टेक्स को पुनः निर्देशित करती है) और UDL (सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग) के तीन प्रमुख सिद्धांतों के अंतर्संबंधों का सटीक मूल्यांकन किया गया है। विकल्प 'b' इस संदर्भ में वैज्ञानिक और शैक्षणिक रूप से पूर्णतः सत्य एवं उपयुक्त है।
Related Questions
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' और 'संधि-विच्छेद' के विशेष नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी शब्द के अंत में 'त्' या 'द्' के बाद 'ह' वर्ण आता है, तो 'त्' या 'द्' का परिवर्तन 'द्' में तथा 'ह' का परिवर्तन 'ध' में हो जाता है, जैसे कि 'उद्धार' (उत् + हार) और 'पद्धति' (पत् + हति)।
2. विसर्ग संधि के एक विशिष्ट नियम के अनुसार, यदि विसर्ग से पहले 'इ' या 'उ' स्वर हो और विसर्ग के बाद 'क', 'ख', 'प' या 'फ' में से कोई वर्ण आए, तो विसर्ग का परिवर्तन मूर्धन्य ष (ष्) में हो जाता है, जैसे कि 'निः + फल = निष्फल' और 'दुः + कर्म = दुष्कर्म'।
3. व्यंजन संधि के अंतर्गत यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) के बाद कोई अनुनासिक वर्ण (पंचम अक्षर - ङ, ञ, ण, न, म) आए, तो वर्ग का पहला वर्ण अपने ही वर्ग के तृतीय वर्ण में परिवर्तित हो जाता है, जैसे कि 'वाक् + मय = वाग्मय'।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जो मुख्य रूप से प्राचीन गनीस, विंध्यन क्रम की चट्टानों और ग्रेनाइट शैलों से निर्मित है।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में महीन कणों वाली उपजाऊ जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जहाँ अत्यधिक नमी और घने जंगलों के कारण गन्ने और धान की कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है।
3. राज्य के पूर्वांचल क्षेत्र में स्थित सोनभद्र जिले में सोन नदी घाटी क्षेत्र से 'नॉन-कोकिंग कोयला' और 'चूना पत्थर' के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं, जो इस क्षेत्र को औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, प्रमुख वन्यजीव विहारों और उनकी स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार - चंदौली (स्थापना: 1957)
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार - मेरठ, मुजफ्फरपुर और बिजनौर (स्थापना: 1986)
3. कछुआ वन्यजीव विहार - वाराणसी (स्थापना: 1989)
4. सुहेलदेव वन्यजीव विहार - बहराइच और श्रावस्ती (स्थापना: 1988)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांत की विभिन्न अवस्थाओं और स्तरों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण (चरण 4 - कानून और व्यवस्था अभिविन्यास) में व्यक्ति का नैतिक तर्क सामाजिक नियमों, कानून के पालन और समाज में व्यवस्था बनाए रखने के कर्तव्य पर आधारित होता है।
2. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Morality Level) के छठे चरण (चरण 6 - सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) में व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों से परे, अपने स्वयं के अंतःकरण (Conscience) और सार्वभौमिक न्याय, मानवाधिकारों और समानता के आंतरिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार, नैतिक विकास के सभी स्तर और चरण एक निश्चित और सार्वभौमिक क्रम में आगे बढ़ते हैं, और कोई भी व्यक्ति किसी पूर्ववर्ती चरण को छोड़े बिना क्रमबद्ध रूप से ही आगे की अवस्थाओं में विकसित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Learning Disabilities and Children with Special Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सुपीरियर पैराइटल लोब' (Superior Parietal Lobe), 'एक्समूर मोटर कॉर्टेक्स' (Exner's Area in Motor Cortex), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच ग्राफिमेटिक मोटर प्लानिंग (Graphemic Motor Planning) विफलता, सूक्ष्म गत्यात्मक समन्वय (Fine Motor Coordination) क्षरण, और दृश्य-स्थानिक कार्यशील स्मृति की सक्रियण गतिकी, तथा वर्जीनिया बर्जर (Virginia Berninger) के 'वर्किंग मेमोरी मॉडल फॉर हैंडराइटिंग एंड स्पेलिंग' (Working Memory Model for Handwriting and Spelling) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में कीबोर्ड और वॉइस-टू-टेक्स्ट तकनीक का उपयोग, ग्रिड आधारित लेखन अभ्यास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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