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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हर्बिंग एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अंतर्गत अधिगम के तुरंत बाद होने वाले तीव्र क्षरण और मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) द्वारा अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में सूचनाओं के समेकन (Consolidation) की प्रक्रिया, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) के अंतर्गत 'संवेदी रजिस्टर' (Sensory Register), 'कार्यकारी स्मृति' (Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'अंतराल अनुदेशन' (Spaced Repetition) के अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में ज्ञान के पुनरुत्पादन व दीर्घकालिक धारण (Retention) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विस्तृत व्याख्या: हर्बिंग एबिंगहॉस का 'विस्मरण वक्र' यह स्पष्ट करता है कि सीखी गई सामग्री का अधिकांश भाग अधिगम के तुरंत बाद के घंटों में तेजी से भूल जाता है, जिसे 'अंतराल अनुदेशन' (Spaced Repetition) और मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस द्वारा सूचनाओं के समेकन (Consolidation) के माध्यम से सुधारा जा सकता है। दूसरी ओर, एटकिंसन और शिफ्रिन (1968) का 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' स्मृति को तीन चरणों—संवेदी रजिस्टर, कार्यकारी/अल्पकालिक स्मृति और दीर्घकालिक स्मृति—के रूप में समझाता है। आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में, इन दोनों सिद्धांतों का एकीकरण यह सिखाता है कि शिक्षक को एक ही बार में भारी मात्रा में जानकारी देने (Massed Practice) के बजाय, सुनियोजित अंतराल पर पुनरावृत्ति और बहुसंवेदी शिक्षण विधियों का प्रयोग करना चाहिए ताकि बच्चों की कार्यकारी स्मृति पर अधिक भार न पड़े और ज्ञान दीर्घकालिक स्मृति में स्थानांतरित हो सके।
Related Questions
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और लिंडमान के 'दस प्रतिशत के नियम' (Lindeman's 10% Law) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लिंडमान के 10% नियम के अनुसार, जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों के शरीर में जैव-भार के रूप में संचित होता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय (Metabolism) क्रियाओं के दौरान पर्यावरण में हास हो जाती है।
2. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'चक्रीय' (Cyclic) होता है, ठीक उसी प्रकार जैसे कार्बन, नाइट्रोजन और जल चक्र कार्य करते हैं, क्योंकि उत्पादकों द्वारा सूर्य से ली गई कुल सौर ऊर्जा कभी नष्ट नहीं होती बल्कि विभिन्न पोषी स्तरों के बीच घूमती रहती है।
3. ऊर्जा के लगातार ह्रास के कारण ही सामान्यतः एक पारिस्थितिक तंत्र में पोषण स्तरों की संख्या सीमित (अधिकतम 4 से 5) होती है, और शीर्ष उपभोक्ताओं (Top Carnivores) तक पहुँचते-पहुँचते ऊर्जा की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि वे खाद्य श्रृंखला के अंतिम चरण के रूप में कार्य करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक-नृत्यों के संदर्भ में, बुंदेलखंड क्षेत्र में फसल कटाई और उल्लास के अवसर पर अहीरों द्वारा किया जाने वाला वह कौन सा प्रमुख पारंपरिक लोक-नृत्य है जिसमें नर्तक अपने सिर पर कई मटकों को संतुलित करते हुए और मोर के पंखों से बने विशेष मुकुट को धारण करके नृत्य करते हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है, जिसमें बालक अपने समाज और संस्कृति के साथ अंतःक्रिया (Interaction) के माध्यम से उच्च मानसिक कार्यों का विकास करता है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बालक द्वारा स्वतंत्र रूप से किए जाने वाले कार्य और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में किए जाने वाले कार्य के बीच होता है।
3. वायगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'मचान' (Scaffolding) अवधारणा के अंतर्गत एक शिक्षक या प्रशिक्षक द्वारा प्रदान की जाने वाली वह अस्थायी सहायता है जिसे बालक की क्षमता में सुधार होने के साथ-साथ धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संदर्भ में, जौनपुर शहर की स्थापना किसने की थी और यहाँ स्थित 'अटाला मस्जिद' (Atala Masjid) का निर्माण किस सल्तनत कालीन शासक द्वारा करवाया गया था?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, वैदिक काल के गुरुकुल और उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख प्राचीन शिक्षा केंद्रों व आश्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के वर्तमान 'बलिया' जिले के समीप स्थित प्राचीन काल में महर्षि भृगु का 'भृगु क्षेत्र' और 'नैमिषारण्य' (वर्तमान सीतापुर जिला) वैदिक काल से ही तपस्या, पुराण कथाओं और शिक्षा के प्रमुख केंद्र रहे हैं, जहाँ महर्षि शौनकादि ऋषियों ने हजारों शिष्यों को शिक्षा प्रदान की थी।
2. वाराणसी (ऋषिपत्तनम/काशी) प्राचीन काल से ही उपनिषद कालीन दर्शन, व्याकरण और बौद्ध शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ काशी के राजा अजातशत्रु और उपनिषद काल के प्रसिद्ध दार्शनिक गार्गी व याज्ञवल्क्य के संवादों का उल्लेख मिलता है।
3. प्राचीन काल में 'सारनाथ' केवल बौद्ध धर्म का ही नहीं, बल्कि वज्रयान और महायान संप्रदायों से जुड़े शिक्षण का भी एक प्रतिष्ठित केंद्र था, जिसका उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) के यात्रा वृत्तांतों में भी विस्तार से मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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