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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के संदर्भ में, डेविड रोज़ (David Rose) और सेंटर फॉर अप्लाइड स्पेशल टेक्नोलॉजी (CAST) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' के तीन मुख्य सिद्धांतों—'प्रस्तुति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन' (Multiple Means of Action and Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मान्यता नेटवर्क' (Recognition Networks), 'रणनीतिक नेटवर्क' (Strategic Networks), और 'भावात्मक नेटवर्क' (Affective Networks) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'अंतःक्रियात्मक जोन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ पाठ्यचर्या निर्माण और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अभिगम्यता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सही उत्तर विकल्प (b) है। 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' (Universal Design for Learning - UDL) डेविड रोज़ और CAST द्वारा विकसित एक ऐसा ढांचा है जो कक्षा में सभी छात्रों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। UDL के तीन प्रमुख सिद्धांत मस्तिष्क के तीन प्रमुख न्यूरो-संज्ञानात्मक नेटवर्क से सीधे जुड़े हैं: 1. प्रस्तुति के बहुविध साधन (Recognition Networks - 'क्या' सीखना है), 2. अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन (Strategic Networks - 'कैसे' सीखना है), और 3. संलग्नता के बहुविध साधन (Affective Networks - 'क्यों' सीखना है)। यह आधुनिक समावेशी शिक्षा में एक लचीला और सुलभ वातावरण तैयार करने में अत्यंत सहायक है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब किसी शिक्षार्थी को लिखित प्रतीकों, अंकों या अक्षरों को क्रमित करने, उनकी स्थानिक स्थिति (Spatial Position) को समझने, और विशेष रूप से गणितीय गणनाओं के दौरान संख्याओं के बोध व उनके आपस के संबंधों को स्थापित करने में गंभीर व स्थाई न्यूरोलॉजिकल कठिनाई होती है, तो इस विशिष्ट अधिगम विकार को वैज्ञानिक रूप से किस नाम से जाना जाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत भूमंडलीय तापन (Global Warming) और जलवायु परिवर्तन के न्यूरो-संज्ञानात्मक व पारिस्थितिक संदर्भ में, 'ग्रीनहाउस गैसों' (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जल वाष्प) की विकिरण संबंधी विवशता (Radiative Forcing) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - जटिल पर्यावरणीय जोखिमों का मूल्यांकन और दीर्घकालिक नीति-निर्माण), 'इंसुला कॉर्टेक्स' (Insula Cortex - पारिस्थितिकीय संकट और जलवायु परिवर्तन से संबंधित अंतःसंवेदी और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का प्रसंस्करण), तथा 'एपिग्डाला एवं पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Amygdala & ACC - पर्यावरणीय अनिश्चितता और विस्थापन के भय का संवेगात्मक नियमन) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, कॉर्टिकल नेटवर्क्स के एकीकरण, तथा 'इको-कॉग्निटिव एडैप्टेबिलिटी' के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की कृषि जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) और वहाँ की प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 स्पष्ट कृषि-जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक, मृदा और मानसूनी विशेषताओं को दर्शाते हैं।
2. 'भाबर और तराई क्षेत्र' (उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र) में अत्यधिक नमी और उपजाऊ जलोढ़ मृदा के कारण धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, साथ ही यह क्षेत्र उच्च कोटि के गेहूं उत्पादन के लिए भी जाना जाता है।
3. 'बुंदेलखंड क्षेत्र' (दक्षिण-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र) में कम वर्षा और पथरीली-लाल मृदा (Parwa and Mar soils) की अधिकता के कारण मुख्य रूप से रबी के मौसम में चने (Gram), मटर और तिलहनी फसलों (जैसे सरसों और अलसी) की खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार (Plateau of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'श्रम और थकान के प्रभाव' तथा ब्रायन (Bryan) एवं हार्तर (Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अभ्यास के पठार' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'स्ट्रिएटम' (Striatum), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes) के बीच सिनैप्टिक संतृप्ति (Synaptic Saturation), संज्ञानात्मक थकान, और मोटर-कौशल समेकन की सक्रियण गतिकी, तथा गिल्फर्ड (Guilford) के 'मानसिक ठहराव' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ब्रेक-इंटीग्रेटेड डायनेमिक पेडागोजी (Break-Integrated Dynamic Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक थकान प्रबंधन, पठार निवारण व समग्र कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की पुरातात्विक स्थलों और प्राचीन महाजनपदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अहिच्छत्र - वर्तमान बरेली जिला, जो प्राचीन पांचाल महाजनपद की उत्तरी राजधानी था और जहाँ से चित्रित धूसर मृद्भांड (Painted Grey Ware) के साक्ष्य मिले हैं।
2. कौशाम्बी - वर्तमान प्रयागराज के समीप यमुना नदी के तट पर स्थित, जो वत्स महाजनपद की राजधानी थी और जहाँ प्रसिद्ध घोषाराम विहार स्थित था।
3. कांपिल्य - वर्तमान फर्रुखाबाद जिला, जो प्राचीन पांचाल महाजनपद की दक्षिणी राजधानी थी और जिसका उल्लेख महाभारत काल में द्रुपद की राजधानी के रूप में मिलता है।
4. कुशीनगर - वर्तमान देवरिया जिला, जो प्राचीन मल्ल महाजनपद की राजधानी था और जहाँ भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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