त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और उनके अंतर्संबंध' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) तथा 'पैरिटल लोब' की अमूर्त तर्कणा और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन की सक्रियण प्रक्रिया, तथा लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के उच्च-स्तरीय उपागम और विद्यार्थियों में तार्किक स्वायत्तता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अंतिम अवस्था (औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था) और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत का सर्वोच्च स्तर (उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता) दोनों ही मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के परिपक्व होने और कार्यकारी कार्यों (Executive Functions) से गहराई से जुड़े हैं। यह बच्चों में अमूर्त चिंतन, परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्कणा, और सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों के विकास को सक्षम बनाता है, जो समावेशी कक्षाओं में उच्च-स्तरीय शिक्षण और तार्किक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण (Memory and Forgetting)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'दूरी प्रभाव' (Spacing Effect) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'एंटोरिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex) के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), सिस्टम्स कंसोलिडेशन (Systems Consolidation), और पुनर्प्राप्ति विफलता (Retrieval Failure) की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) के 'मल्टी-स्टोर मेमोरी मॉडल' (Sensory, Short-Term, and Long-Term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-ऑप्टिमाइज्ड रिटेंशन पेडागोजी (Cognitive-Optimized Retention Pedagogy) और विद्यार्थियों में दीर्घकालिक स्मृति सुदृढ़ीकरण, अंतरालित अभ्यास (Spaced Practice) व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के महाजनपद काल के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र में स्थित महाजनपदों और उनकी राजधानियों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. वत्स महाजनपद - कौशाम्बी
2. चेदि महाजनपद - शक्तिमती
3. शूरसेन महाजनपद - मथुरा
4. मल्ल महाजनपद - कुशीनगर और पावा
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, भूवैज्ञानिक विशेषताओं और कृषि-पारिस्थितिकी (Agro-Ecological) क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ क्रमशः काली और चिकनी होती हैं, जिनमें अत्यधिक नमी धारण करने की क्षमता होती है, लेकिन ये सिंचाई के अभाव में अत्यधिक ठोस और दरारयुक्त हो जाती हैं।
2. राज्य के पश्चिमी मैदानी और तराई क्षेत्रों में भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन और नहरों के रिसाव के कारण क्षारयुक्त और रेतीली मृदा का विस्तार हुआ है, जिसे स्थानीय रूप से 'भूड़' (Bhoor) या 'रेह' (Reh) कहा जाता है, जो कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ मानी जाती है।
3. उत्तर प्रदेश की नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा लाई जाती है और इसमें पोटाश तथा चूने की प्रचुरता होती है, जबकि पुरानी जलोढ़ मृदा को 'बांगर' कहा जाता है जो बाढ़ के मैदानों से दूर ऊँचे स्थानों पर पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ' (Learning Styles) के संदर्भ में, शिक्षा मनोवैज्ञानिक डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अनुसार, जब कोई अधिगमकर्ता ठोस अनुभवों (Concrete Experience) को प्राप्त करने के बाद उनका चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात अमूर्त अवधारणाओं (Abstract Conceptualization) का निर्माण करते हुए सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) की ओर बढ़ता है, तो कोब के वर्गीकरण के अनुसार इस प्रक्रिया में 'अभिसारी अधिगम शैली' (Convergent Learning Style) वाले बालक की मुख्य बौद्धिक प्रवृत्ति निम्नलिखित में से कौन सी होगी?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और व्यक्तिगत भिन्नताओं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: कंक्रीट एक्सपीरियंस, रिफ्लेक्टिव ऑब्जरवेशन, एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन, और एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी एकीकरण, चिंतनशील विश्लेषण, और मोटर योजना की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंशियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक चक्र के पूर्ण उपयोग, अनुकूलित शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.