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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और विकासात्मक विकारों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक आकलन' के संदर्भ में, 'पठन वैकल्य' (Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं गोलार्ध के पश्च-टेम्पोरल और ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Left Temporo-Parietal and Occipito-Temporal Cortex) की दृश्य-शब्द रूप पहचान (Visual Word Form Recognition) और ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) विफलता की प्रक्रिया, तथा शेलविरा (Sally Shaywitz) द्वारा प्रतिपादित 'डिस्लेक्सिया के न्यूरोबायोलॉजिकल मॉडल' के अंतर्गत 'ध्वन्यात्मक मार्ग' और 'दृश्य मार्ग' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी ऑर्टन-गिर्लिंगहैम (Orton-Gillingham) पद्धति के अनुकूलित अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में पठन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

पठन वैकल्य (Dyslexia) एक विशिष्ट पठन विकार है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध के टेम्पोरो-पैरिटल और ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल क्षेत्रों में ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) और दृश्य-शब्द रूप पहचान की विफलता के कारण होता है। सैली शैलेविरा (Sally Shaywitz) के न्यूरोबायोलॉजिकल मॉडल के अनुसार, इन बच्चों में तंत्रिकाकीय मार्ग बाधित होते हैं। इसके निवारण के लिए 'ऑर्टन-गिर्लिंगहैम' जैसी बहुसंवेदी शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जाता है जो ध्वनियों (Phonemes) को दृश्य और स्पर्श अनुभवों के साथ जोड़कर पठन दक्षता का संवर्धन करती हैं।
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बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और भाषा अर्जन के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीन पियाजे का मानना था कि बच्चों में विचार (Thought) का विकास भाषा से पहले होता है और भाषा उनके संज्ञानात्मक विकास का ही एक उत्पाद है, जबकि लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिल जाते हैं। 2. पियाजे ने बच्चों को 'सक्रिय अन्वेषक' (Active Explorers) माना है जो अपने भौतिक पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की ने बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक-सांस्कृतिक अंतःक्रिया, भाषा और 'मोर नॉलेजेबल अदर' (MKO) की भूमिका को सर्वोपरि माना है। 3. पियाजे के अनुसार 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) बच्चों की अपरिपक्वता को दर्शाता है जो किसी अन्य के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ होते हैं, जबकि वाइगोत्स्की इसे 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) कहते हैं जो बच्चों को अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'इंसुला' (Insula) और 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच नैतिक निर्णय लेने, सामाजिक-भावनिक सहानुभूति और संज्ञानात्मक दुविधा समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित लोकतांत्रिक शिक्षाशास्त्र (Values-Based Democratic Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तर्क, सार्वभौमिक न्याय बोध व समग्र चरित्र निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय पिरामिड' (Ecological Pyramid) की अवधारणा और उसके विभिन्न प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चार्ल्स एलटन द्वारा प्रतिपादित पारिस्थितिकीय पिरामिडों में 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Numbers) घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा होता है, क्योंकि उत्पादकों (घास) की संख्या प्राथमिक उपभोक्ताओं (शाकाहारी जीवों) से अधिक होती है। 2. एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) बनता है, क्योंकि यहाँ एक अकेले विशाल वृक्ष (उत्पादक) पर अनगिनत पक्षी और कीट (प्राथमिक व द्वितीयक उपभोक्ता) निर्भर रहते हैं। 3. समुद्र या जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'बायोमास या जैवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) हमेशा सीधा होता है, क्योंकि फाइटोप्लैंकटन (पादपप्लवक) का कुल जैवभार छोटी मछलियों और ज़ूप्लैंकटन की तुलना में काफी अधिक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश की कृषि-जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) और वहाँ की प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि योजना आयोग द्वारा कुल 9 विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा प्रकार, वर्षा और तापमान की भिन्नता को दर्शाते हैं। 2. 'भाबर एवं तराई क्षेत्र' में उच्च आर्द्रता और उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के कारण धान और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, जबकि 'बुंदेलखंड क्षेत्र' (दक्षिण का पठारी भाग) मुख्य रूप से कम वर्षा और लाल/काली मृदा के कारण ज्वार, चना और तिलहन की खेती के लिए जाना जाता है। 3. पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में गहन कृषि और अत्यधिक नलकूप सिंचाई के कारण गेहूँ और गन्ने का उत्पादन सर्वाधिक होता है, तथा इस क्षेत्र में केले की व्यावसायिक कृषि के लिए प्रसिद्ध जिला कौशाम्बी है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचनात्मक मॉडलों' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना का सिद्धांत' (Structure of Intellect - SI Model) के अंतर्गत 'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषयवस्तु' (Contents), और 'उत्पाद' (Products) के त्रि-आयामी (3D) स्वरूप—जिसमें आरंभीकरण के 120 तत्त्वों से लेकर अंततः 150 और 180 स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं का वर्गीकरण किया गया है—तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल और ठोस बुद्धि सिद्धांत' (Fluid and Crystallized Intelligence Theory) के अंतर्गत 'तरल बुद्धि' ($g_f$) जो आनुवंशिक एवं जैविक क्षमताओं पर आधारित होती है तथा 'ठोस बुद्धि' ($g_c$) जो पर्यावरणीय अनुभवों एवं सांस्कृतिक अधिगम पर निर्भर करती है, के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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