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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पाठ्यक्रम विकास और शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जैरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के तीन चरणों'—'क्रियात्मक' (Enactive), 'प्रतिबिंबात्मक' (Iconic), और 'प्रतीकात्मक' (Symbolic)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स', 'विजुअल कॉर्टेक्स' और 'एजुकेटिव लैंग्वेज नेटवर्क्स' की बहुसंवेदी प्रसंस्करण और सूचना एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा एडगर डेल (Edgar Dale) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभव शंकु' (Cone of Experience) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अनुभवात्मक डिजाइन और विद्यार्थियों में अमूर्त चिंतन व अवधारणा निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जैरोम ब्रूनर के अधिगम के तीन चरण (क्रियात्मक, प्रतिबिंबात्मक और प्रतीकात्मक) तथा एडगर डेल का 'अनुभव शंकु' (Cone of Experience) बहुसंवेदी शिक्षण और संज्ञानात्मक विकास के आधार हैं। प्रतीकात्मक चरण और डेल के शंकु के शीर्ष पर स्थित मौखिक/लिखित प्रतीक अत्यधिक अमूर्त होते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, प्राथमिक स्तर के बच्चों का मस्तिष्क अभी भी मूर्त अनुभवों और संवेदी-प्रेरक एकीकरण पर अत्यधिक निर्भर होता है। यदि बच्चों को बिना पर्याप्त मूर्त और क्रियात्मक अनुभवों (ब्रूनर का क्रियात्मक चरण और डेल के शंकु का आधार) के सीधे अत्यधिक अमूर्त प्रतीकों का सामना कराया जाए, तो कार्यशील स्मृति (Working Memory) पर अत्यधिक संज्ञानात्मक भार (Cognitive Load) पड़ता है, जिससे ब्रोका और वेर्निके क्षेत्रों में प्रभावी अर्थबोध और अवधारणात्मक स्पष्टता बाधित होती है। अतः विकल्प (a) इस न्यूरो-शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य में सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या को 'विषयों' (Themes) के आधार पर संरचित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प प्राथमिक स्तर पर EVS के छह मुख्य विषयों (Themes) में से एक नहीं है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'मैदानी क्षेत्र' (Plain Region) या 'गंगा-यमुना का मैदान' की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का मैदानी भाग मूल रूप से गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ (Alluvial) मिट्टी के निक्षेपण से निर्मित है, जिसे धरातलीय स्थिति और आयु के आधार पर 'बांगर' (पुराने जलोढ़ मैदान) और 'खादर' (नए जलोढ़ मैदान) में विभाजित किया जाता है।
2. 'खादर' क्षेत्र को बाढ़ का मैदान भी कहा जाता है, जहाँ हर वर्ष बाढ़ के दौरान नई मिट्टी की परत जम जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र बांगर की तुलना में अधिक उपजाऊ होता है और यहाँ गहन कृषि की जाती है।
3. राज्य के इस मैदानी क्षेत्र का ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है, जिसके कारण यहाँ की मुख्य नदियाँ (जैसे गंगा और यमुना) उत्तर-पश्चिम से निकलकर दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की मूल अवधारणा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में रचनात्मकता और divergent thinking (अपसारी चिंतन) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी उत्पादन' (Divergent Production) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच लचीलेपन (Flexibility), मौलिकता (Originality) और वैचारिक चपलता (Ideational Fluency) की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालास (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, and Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नवाचार व मौलिक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'संवेदी-गामी अवस्था' (Sensorimotor Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच कार्यशील स्मृति (Working Memory), स्थानिक-कालिक मानचित्रण और अव्यक्त प्रतिनिधित्व की सक्रियण गतिकी, तथा एलिजाबेथ स्पelke (Elizabeth Spelke) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नॉलेज हाइपोथेसिस' (Core Knowledge Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संवेदी-अन्वेषण आधारित प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (Sensory-Exploratory Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक स्थायित्व, कारण-प्रभाव संबंध व समग्र प्रारंभिक बौद्धिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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