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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और मूल्य शिक्षा के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के छह चरणों'—विशेष रूप से 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-conventional Morality) और 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों के विन्यास' (Universal Ethical Principles Orientation)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'इंसुला' (Insula) और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) की नैतिक दुविधाओं (Moral Dilemmas), परोपकारिता (Altruism) और भावनात्मक-संज्ञानात्मक निर्णय लेने की प्रक्रिया की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक देखभाल के सिद्धांत' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित विमर्श और विद्यार्थियों में न्यायपरायणता व सामाजिक उत्तरदायित्व के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलवर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत और कैरोल गिलिगन का देखभाल का सिद्धांत मस्तिष्क के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक और भावनात्मक केंद्रों जैसे वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC), इंसुला और एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स से गहरे जुड़े हुए हैं। ये क्षेत्र जटिल नैतिक दुविधाओं के मूल्यांकन, सहानुभूति और सार्वभौमिक न्याय के सिद्धांतों को संसाधित करने में मदद करते हैं। समावेशी शिक्षा में यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों में तार्किक नैतिक निर्णय, परोपकारिता और सामाजिक-सांस्कृतिक उत्तरदायित्व के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की अक्षमता और विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वा, वर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), और 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल गायरस' (Occipito-Temporal Gyrus) जिसे 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA) भी कहते हैं, के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) विफलता, अक्षरों से ध्वनियों के मिलान का क्षरण, और दृष्टि-श्रवण समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) और स्टैनिस्लास डीहेने के 'लिखित भाषा प्रसंस्करण मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी ऑर्टन-गेलिंगहम (Orton-Gillingham) पद्धति, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) अभ्यासों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'पैरिएटल लोब' और 'एंटिरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच हाइपोटेको-डिडक्टिव रीजनिंग (Hypothetico-Deductive Reasoning), अमूर्त चिंतन और कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा बार्बरा इनेल्ड (Barbel Inhelder) और जीन पियाजे के 'संज्ञानात्मक संतुलन और स्कीमा समायोजन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Problem-Solving Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक लचीलेपन, उच्च-क्रम चिंतन व समग्र संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और उनसे संबंधित जिलों या विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के 'बटेश्वर मेला' (आगरा) का आयोजन यमुना नदी के तट पर किया जाता है, जो एक प्रसिद्ध पशु मेला है और विशेष रूप से ऊंटों के क्रय-विक्रय के लिए जाना जाता है।
2. 'सैयद सलार मसूद गाजी का मेला' बहराइच में आयोजित किया जाता है, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों संप्रदायों के लोगों के लिए सांप्रदायिक सदभाव का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
3. 'शाकंभरी देवी मेला' का आयोजन सहारनपुर जिले में किया जाता है, जो उत्तर प्रदेश के उन मेलों में शामिल है जहाँ राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) की विभिन्न अवस्थाओं और प्रमुख प्रज्ञात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार, रूप या बर्तन बदलने से उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत (Classification) करना, क्रमबद्ध (Seriation) करना और उत्क्रमणीयता (Reversibility) के गुणों को सीख जाता है, लेकिन वह अमूर्त विचारों और काल्पनिक समस्याओं पर तार्किक चिंतन करने में असमर्थ रहता है।
3. 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष और उससे आगे) के दौरान किशोरों में 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-deductive Reasoning) की क्षमता विकसित होती है, जिससे वे अमूर्त रूप से सोचने और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ढूंढने में सक्षम हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और नैतिक तर्कणा (Moral Development and Reasoning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरणों' (Stages of Moral Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'एंटीरियर इंसुला' (Anterior Insula) और 'सुपीरियर टेम्पोरल सुलस' (Superior Temporal Sulcus) के बीच सामाजिक-नैतिक निर्णय लेने, सहानुभूतिपूर्ण अनुक्रियाओं और संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य लेने की क्षमता की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल के नैतिकता मॉडल' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षाशास्त्र (Value-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक लचीलेपन, न्यायसंगत व्यवहार व सामाजिक-भावनिक समरसता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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