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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और सूचना प्रसंस्करण (Memory and Information Processing) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हर्बिंग एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'बचत विधि' (Savings Method) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिग्डाला' (Amygdala) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच दीर्घकालिक समेकन (Long-term Consolidation) और सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity) की सक्रियण गतिकी, तथा एरिक कैंडेल (Eric Kandel) द्वारा प्रतिपादित 'दीर्घकालिक पोटेंशिएशन' (Long-Term Potentiation - LTP) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पेaced पुनरावृत्ति रणनीतियों (Spaced Repetition Strategies) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम की स्मरण शक्ति व अर्थपूर्ण अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न स्मृति के न्यूरो-संज्ञानात्मक और मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का गहराई से विश्लेषण करता है। हर्बिंग एबिंगहॉस का विस्मरण वक्र यह दर्शाता है कि बिना पुनरावृत्ति के सीखी गई जानकारी तेजी से भूलती है। न्यूरोलॉजिकल स्तर पर, हिप्पोकैम्पस अल्पकालिक स्मृतियों को दीर्घकालिक स्मृति के लिए प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स तक पहुँचाने (समेकन या Consolidation) में केंद्रीय भूमिका निभाता है। एरिक कैंडेल के शोध के अनुसार, 'दीर्घकालिक पोटेंशिएशन' (LTP) सिनैप्स की कार्यक्षमता को स्थायी रूप से बढ़ाता है। समावेशी और आधुनिक प्राथमिक शिक्षा में, स्पेस्ड रिपिटेशन (Spaced Repetition) और बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों का उपयोग करके इस तंत्र को सक्रिय किया जाता है, जिससे बच्चों में स्थायी अधिगम संभव होता है। अतः विकल्प (A) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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