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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और नैतिक तर्कणा (Moral Development and Reasoning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरणों' (Stages of Moral Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'एंटीरियर इंसुला' (Anterior Insula) और 'सुपीरियर टेम्पोरल सुलस' (Superior Temporal Sulcus) के बीच सामाजिक-नैतिक निर्णय लेने, सहानुभूतिपूर्ण अनुक्रियाओं और संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य लेने की क्षमता की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल के नैतिकता मॉडल' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षाशास्त्र (Value-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक लचीलेपन, न्यायसंगत व्यवहार व सामाजिक-भावनिक समरसता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न UPTET के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत नैतिक विकास (Moral Development) के उन्नत न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण पर आधारित है। लॉरेंस कोहलबर्ग का न्याय-आधारित नैतिक तर्क मॉडल और कैरोल गिलिगन का देखभाल-आधारित मॉडल (Ethics of Care) दोनों ही मस्तिष्क के विशिष्ट क्षेत्रों जैसे वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC) और एंटीरियर इंसुला के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं, जो निर्णय लेने और सहानुभूति (Empathy) को नियंत्रित करते हैं। प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में इन सिद्धांतों का उपयोग बच्चों में तार्किक न्याय और पारस्परिक सहानुभूति के संतुलित विकास के लिए किया जाता है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) की प्रक्रिया में शामिल चार क्रमिक चरणों का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'सांख्य दर्शन' और उसके प्रणेता महर्षि कपिल द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सांख्य दर्शन भारत के सबसे प्राचीन दर्शनों में से एक है, जिसके प्रवर्तक महर्षि कपिल हैं, और यह एक द्वैतवादी (Dualistic) दर्शन है जो यह मानता है कि सृष्टि की उत्पत्ति दो मूल तत्वों 'पुरुष' (आत्मा या चेतना) और 'प्रकृति' (जड़ पदार्थ) के संयोग से होती है।
2. इस दर्शन के अनुसार, 'प्रकृति' अचेतन है और इसके तीन गुण होते हैं- सत्व, रज और तम; जबकि 'पुरुष' चेतन है और वह पूरी तरह से निष्क्रिय व दृष्टा मात्र है।
3. सांख्य दर्शन वेدان्त दर्शन की तरह ईश्वर के अस्तित्व को परम सत्य और सृष्टि के रचयिता के रूप में स्वीकार करता है, तथा ईश्वर की कृपा के बिना मोक्ष प्राप्त करना असंभव मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों और तापीय विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन' (Singrauli Super Thermal Power Station) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के शक्तिनगर में स्थित है, जो एनटीपीसी (NTPC) की पहली कोयला आधारित विद्युत परियोजना है और इसे स्थानीय रिहंद बांध से जल आपूर्ति प्राप्त होती है।
2. 'हरदुवागंज ताप विद्युत गृह' उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित राज्य का एक प्रमुख और सबसे पुराना तापीय विद्युत केंद्र है, जिसे आधुनिकारित करके इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है।
3. 'रोजा थर्मल पावर प्लांट' उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित एक निजी क्षेत्र (Private Sector) की कोयला आधारित विद्युत परियोजना है, जिसका संचालन रिलायंस पावर (ADAG) द्वारा किया जाता है।
4. उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 'ओबरा तापीय विद्युत केंद्र' के परिसर में ही राज्य का सबसे बड़ा तैरता हुआ (Floating) सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के कानूनी और शैक्षणिक प्रावधानों' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन बाल अधिकारों, नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) की धारा 3 और समावेशी कक्षा-कक्ष के आधुनिक pedagogical दृष्टियों के परिप्रेक्ष्य में सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की परिवहन प्रणालियों, एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश से गुजरने वाला 'गंगा एक्सप्रेसवे' मेरठ जिले के मेरठ-प्रयागराज मार्ग से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है और यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है।
2. 'पूर्वांचल एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 340.8 किलोमीटर है, जो लखनऊ जिले के चांदसराय से शुरू होकर गाजरिया (गाजीपुर) तक जाता है और इसका उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश को राजधानी लखनऊ से जोड़ना है।
3. उत्तर प्रदेश में देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) 'NH-44' गुजरता है, जो राज्य के झांसी और ललितपुर जिलों से होकर तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक जाता है।
4. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की स्थापना वर्ष 1972 में की गई थी, और वर्तमान में उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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