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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) और रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अंतर्गत 'पूर्व अधिगम और नवीन अधिगम के मध्य संज्ञानात्मक सामान्यीकरण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच क्रॉस-डोमेन मैपिंग, न्यूरल सर्किट री-यूटिलाइजेशन और कार्यशील स्मृति की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल, अमूर्त सिद्धांतों के अनुप्रयोग व सकारात्मक अधिगम स्थानांतरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के अनुसार, जब कोई शिक्षार्थी किसी पूर्व परिस्थिति में सीखे गए ज्ञान, कौशल या सिद्धांतों का उपयोग नवीन परिस्थिति में करता है, तो मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्र (विशेषकर Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC, हिप्पोकैम्पस और Anterior Cingulate Cortex) आपस में समन्वय स्थापित करते हैं। थार्नडाइक का 'समान तत्वों का सिद्धांत' और जुड का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' यह दर्शाते हैं कि जब संज्ञानात्मक तत्वों या सामान्य सिद्धांतों की पहचान कर ली जाती है, तो न्यूरल सर्किट री-यूटिलाइजेशन और क्रॉस-डोमेन मैपिंग के माध्यम से सकारात्मक अधिगम स्थानांतरण (Positive Transfer) संभव होता है। आधुनिक समावेशी कक्षा-कक्षों में यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों को रटने की बजाय अवधारणात्मक स्पष्टता और उच्च-क्रम के समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में मदद करता है।
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