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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia - गणितीय वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर सेंस हाइपोथेसिस' (Core Number Sense Hypothesis) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - IPS) और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक-अंकीय संगणना और ऑर्थोग्राफिक-संख्यात्मक एकीकरण की सक्रियण विसंगति, तथा स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) के 'ट्रिपल कोड मॉडल' (Triple Code Model: विजुअल अरेबिक नंबर फॉर्म, ऑडिटो-वर्बल वर्ड फॉर्म, और एनालॉग मैग्नीट्यूड रिप्रेजेंटेशन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मोंटेसरी और संख्या-आधारित मूर्त शिक्षाशास्त्र (Math-Manipulative Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्थानिक तार्किकता, संख्या पहचान व गणितीय समस्या-समाधान प्रवाह के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ब्रायन बटरवर्थ के 'कोर नंबर सेंस हाइपोथेसिस' और स्टैनिस्लास डीहेन के 'ट्रिपल कोड मॉडल' के अनुसार, डिस्केलकुलिया मुख्य रूप से मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (IPS) में संख्यात्मक परिमाण (Magnitude) को संसाधित करने वाली तंत्रिकाीय संरचनाओं की विसंगति से जुड़ा है। समावेशी कक्षाओं में इस चुनौती से निपटने के लिए कंक्रीट-रिप्रेजेंटेशनल-एब्स्ट्रैक्ट (CRA) फ्रेमवर्क और बहुसंवेदी गणितीय उपकरणों (Math Manipulatives जैसे बेस-10 ब्लॉक्स) का उपयोग छात्रों में संख्यात्मक समझ और स्थानिक तार्किकता विकसित करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनके प्रमुख उत्पादन केंद्रों (ODOP - एक जिला एक उत्पाद योजना) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत 'मुरादाबाद' को 'पीतल और धातु शिल्प' (Brass and Metal Craft) के लिए तथा 'भदोही' को 'कालीन उद्योग' (Carpet Industry) के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
2. 'लखनऊ' का 'चिकनकारी' (Chikankari) कार्य और 'महोली' या 'कन्नौज' का 'इत्र' (Perfume) उत्पादन वैश्विक स्तर पर भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त कर चुके हैं।
3. वाराणसी जिला 'लकड़ी के खिलौने और नक्काशी' के लिए प्रसिद्ध है, जबकि सहारनपुर को 'काष्ठ कला' (Wood Carving) के लिए विशेष पहचान प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस आकलन उपकरण या तकनीक को बच्चों के व्यावहारिक कौशल, सामाजिक दृष्टिकोण और सहयोगात्मक प्रवृत्तियों के अवलोकन के लिए सबसे अधिक विश्वसनीय और प्रभावी माना जाता है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत 'जैव विविधता' (Biodiversity) और उसके संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा वर्ष 1988 में किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए दो मुख्य शर्तें अनिवार्य हैं: उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए और उस क्षेत्र ने अपनी मूल वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70% या उससे अधिक हिस्सा खो दिया हो।
2. भारत में वर्तमान में कुल चार आधिकारिक जैव विविधता हॉटस्पॉट क्षेत्र मान्यता प्राप्त हैं, जो हैं: पश्चिमी घाट (Western Ghats), पूर्वी हिमालय (Eastern Himalaya), इंडो-बर्मा क्षेत्र (Indo-Burma Region) और सुंडालैंड (Sundaland - जिसमें निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं)।
3. 'इन-सिटू' (In-situ - स्व-स्थाने) संरक्षण रणनीति के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास से बाहर (जैसे कि वानस्पतिक उद्यान, ज़ू या जीन बैंक में) किया जाता है, जबकि 'एक्स-सिटू' (Ex-situ - बाह्य-स्थाने) संरक्षण के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य और बायोस्फीयर रिजर्व आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी स्थापना वर्ष या अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी और यह मुख्य रूप से एशियाई शेरों और काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता था।
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसका विस्तार मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और अमरोहा जिलों तक फैला हुआ है।
3. रानीपुर वन्यजीव विहार चित्रकूट जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है।
4. किशनपुर वन्यजीव विहार लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहाँ दलदली हिरण (बारासिंगा) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास एवं उत्तर प्रदेश के पुरातत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित 'सराय नाहर राय' और 'मदहा' नामक पुरास्थल मध्य पाषाण काल (Mesolithic Period) से संबंधित हैं, जहाँ से मानवरहित समाधियों और बूचड़खाने-सह-नृत्य क्षेत्र (Butchering areas) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
2. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में स्थित 'कोशाम्बी' पुरास्थल प्राचीन वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जिसकी पहचान का श्रेय पुरातत्वविद् ए. कनिंघम को जाता है, और यहाँ से मिले अशोक के स्तंभ लेख पर रानी कार्वाकी का उल्लेख मिलता है जिसे 'रानी का अभिलेख' भी कहा जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित 'लहुरादेवा' पुरास्थल से भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनतम कृषि साक्ष्य के रूप में चावल (धान) के प्रमाण मिले हैं, जिसकी प्राचीनता लगभग 7000 ईसा पूर्व से 8000 ईसा पूर्व के मध्य आंकी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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