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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और 'सौंदर्यपरक आवश्यकताओं' (Aesthetic Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'इंसुला' (Insula) और 'मेolimbic डोपापिनर्जिक पाथवे' (Mesolimbic Dopaminergic Pathway) के बीच आंतरिक प्रेरणा, मूल्य निर्धारण और संतुष्टि की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता, और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मानवतावादी शिक्षाशास्त्र (Humanistic Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा, भावनात्मक कल्याण व समग्र व्यक्तिगत विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत और डेसी-रायन के आत्म-निर्णय सिद्धांत (SDT) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और शैक्षणिक निहितार्थों पर आधारित है। मैस्लो के उच्च स्तर (आत्म-सिद्धि और सौंदर्यपरक आवश्यकताएं) तथा एसडीटी के तीन मनोवैज्ञानिक पोषक तत्व (स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) मस्तिष्क के वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC), इंसुला और मेसोलिम्बिक डोपापिनर्जिक पाथवे के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। ये आंतरिक प्रेरणा, आत्म-मूल्य और भावनात्मक कल्याण को संचालित करते हैं। आधुनिक समावेशी और मानवतावादी शिक्षाशास्त्र में, इन सिद्धांतों का अनुप्रयोग विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, भावनात्मक सुरक्षा और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। अतः विकल्प (c) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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